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Uttarakhand: भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने के लिए डायल 1064 से लंबे हुए विजिलेंस के हाथ, अब तक 32 गिरफ्त में आए

Mon, 07 Oct 2024 10:02 AM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

इस वर्ष अब तक रिश्वत मांगने के आरोपी अधिकारी-कर्मचारी 25 ट्रैप में फंसे हैं। विजिलेंस के पास अब तक करीब 1100 से अधिक शिकायत पहुंची हैं।
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जेल (प्रतीकात्मक) - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने के लिए डायल 1064 विजिलेंस के बड़े हथियार के रूप में सामने आया है। इस वर्ष रिकॉर्ड घूस मांगने के 32 आरोपी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को विजिलेंस ने सलाखों के पीछे पहुंचाया है। यह संख्या पिछले पूरे साल से दोगुनी से भी ज्यादा है। यही नहीं बीते ढाई साल में हुए कुल ट्रैप से आधे से भी ज्यादा हैं।

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इसके अलावा इस डायल 1064 पर भ्रष्टाचार की 1100 से अधिक शिकायतें विजिलेंस को मिल चुकी है। इनमें से कुछ पर कार्रवाई हो चुकी जबकि बहुत सी शिकायतों पर शासन की हां ना का इंतजार विजिलेंस कर रही है। बीते दो दिनों में ही गढ़वाल परिक्षेत्र में दो सरकारी अधिकारियों को रिश्वत के साथ पकड़ा जा चुका है।

इन विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की हुई गिरफ्तारी

पुलिस-05, परिवहन विभाग-03, राजस्व विभाग-05, शिक्षा विभाग-03,विद्युत विभाग-05, राज्य कर विभाग-01, आबकारी विभाग-02, खेल विभाग-01, वन विभाग-01, शहरी विकास विभाग-01, लघु सिंचाई विभाग-01, पंचायती राज विभाग-01, आवास विकास विभाग-01, औद्योगिक विभाग-01, खाद्य आपूर्ति विभाग-01, लोनिवि-01।

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ये हैं कुछ कार्रवाई

- 25 अप्रैल को उधमसिंहनगर के खाद्य आपुर्ति विभाग के विपणन अधिकारी मोहन सिंह टोलिया को 50 हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा।

- 22 मई को नैनीताल के लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को 50 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया।

- 25 जून को सहायक आयुक्त कर शशिकांत दुबे को 75 हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा ।

- दो जुलाई ऊधमसिंहनगर के जिला आबकारी अधिकारी को 70 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया।

- हरिद्वार के खंड शिक्षा अधिकारी अयाजुद्दीन को 10 हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा।

कुछ शिकायतों में शासन की हां का इंतजार

विजिलेंस को मिलने वाली कुछ शिकायतों और प्रकरणों में शासन की हां और ना का इंतजार भी किया जा रहा है। इसके लिए विजिलेंस लगातार पैरवी कर रही है। इनमें अभियोजन की स्वीकृति के लिए नौ मामलों को शासन भेजा गया है। इसके अलावा एक एफआईआर और खुली जांच के नौ प्रकरण भी शासन स्तर पर लंबित हैं। इसके अलावा 13 मामलों में खुली जांच अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ चल रही है।

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डायल 1064 से विजिलेंस को मजबूती मिली है। विजिलेंस इस माध्यम से आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई कर रही है। इसी का नतीजा है कि अब तक 25 ट्रैप किए जा चुके हैं। इसके अलावा अन्य प्रकरणों में भी विजिलेंस हर पहलुओं पर जांच कर रही है। -डॉ. वी मुरुगेशन, निदेशक, विजिलेंस

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