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क्या है विधायक निवास के नौ नंबर आवास का रहस्य, जो विधायकों में इसे लेने की लग गई होड़

Tue, 21 Mar 2017 01:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : file photo
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विधायक निवास स्थित नौ नंबर आवास को लेकर विधायकों में होड़ मची हुई है। लेक‌िन इस आवास में ऐसा क्या है क‌ि जो सारे व‌िधायक इसी आवास को लेने की ज‌िद पर अड़े हैं।
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यह आवास फिलहाल हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक के पास है। कौशिक अब मंत्री गए हैं। इस स्थिति में उनको मंत्री आवास आवंटित किया जाएगा। इसको देखते हुए कई विधायकों ने इस आवास पर अपना दावा ठोक दिया है। हरिद्वार जिले के एक विधायक ने तो इस आवास में अपना सामान भी रख दिया है।

नौ नंबर आवास विधायकों का आकर्षक का केंद्र इसलिए बना हुआ है कि एक तो यह ग्राउंड फ्लोर है, दूसरे कार्नर पर। इसका दूसरा कारण यह है कि नौ का अंक उत्तराखंड प्रदेश के लिए काफी शुभ माना जाता है। नौ नवंबर को ही प्रदेश का गठन हुआ था, 18 मार्च (1+8= 9) को त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। साथ ही इस आवास में रहने वाले मदन कौशिक मंत्री की कुर्सी तक पहुंच गए हैं।
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इस आवास के लिए सबसे पहले भाजपा विधायक विनोद कंडारी ने आवेदन किया था। अब भाजपा के एक अन्य विधायक देशराज कर्णवाल ने इस पर अपना दावा ठोक दिया है। कर्णवाल ने तो नौ नंबर आवास में अपना सामान भी रख दिया है। इन दोनों के अलावा भाजपा के कई अन्य विधायक भी इस आवास पर अपनी नजर गड़ाए हुए हैं।

नौ नंबर आवास पर सत्ता पक्ष के कई विधायकों के दावे को देखकर राज्य संपत्ति विभाग के सामने धर्म संकट पैदा हो गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य संपत्ति विभाग सीधे मुख्यमंत्री से जुडा हुआ है। इस स्थिति में विधायकों के दावे की फाइल उनके पास भेज दी जाएगी। मुख्यमंत्री जिसको चाहेंगे उसको यह आवास आवंटित कर दिया जाएगा। 
 
धन सिंह रावत के बाद अब सुबोध उनियाल ने भी ओल्ड बीजापुर गेस्ट हाउस पर अपना दावा ठोक दिया है। उनियाल ने राज्य संपत्ति विभाग से मंत्री आवास के रूप में उनको ओल्ड बीजापुर गेस्ट हाउस आवंटित करने को कहा है। ओल्ड बीजापुर गेस्ट हाउस पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में विजय बहुगुणा को आवंटित था, जिसे उन्होंने कोर्ट के आदेश पर कुछ महीने पहले ही खाली किया है। विभाग की ओर से इस पर विचार किया जा रहा है कि ओल्ड बीजापुर गेस्ट किसी को आवंटित किया जाए या नहीं। 
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