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जिपं और क्षेपं अध्यक्ष चुनाव में मतगणना की होगी वीडियोग्राफी, लागू रहेगी धारा-144

Wed, 30 Oct 2019 08:45 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • मतगणना केंद्र में मोबाइल और कैमरा ले जाने पर रहेगा प्रतिबंध
  • मतदान केंद्र के 200 मीटर तक लागू रहेगी आईपीसी की धारा-144
  • आयोग ने डीएम व पुलिस अफसरों को वीडियो कांफ्रेंस कर दिए निर्देश
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मतगणना - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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जिला और क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों के चुनाव में सदस्यों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने कई कदम उठाए। आयोग ने मतगणना की वीडियोग्राफी का आदेश दिया और यह भी साफ किया कि मतगणना केंद्र में मोबाइल और कैमरा ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। आयोग ने यह भी आदेश दिया कि मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में आईपीसी की धारा-144 लागू की जाए।

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राज्य निर्वाचन आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट और अन्य अधिकारियों ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये बात की। आयुक्त ने हाईकोर्ट की ओर से 17 अक्तूबर को जारी आदेश का हवाला दिया और कहा कि हाईकोर्ट के हर आदेश का पालन किया जाना है। आयुक्त ने राज्य एवं जिला स्तर पर गठित शिकायत प्रकोष्ठों के अधिकारियों को लोगों से मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। स्पष्ट किया कि शिकायत का मतलब सिर्फ लिखित शिकायत से नहीं है, समाचार पत्र, सोशल मीडिया आदि में सामने आने वालों मामलों की भी जांच की जाएगी। जांच के बाद तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। 

एफआईआर नहीं हुई दर्ज

आयोग की ओर से आदेश जारी होने के बाद भी देर रात तक चमोली के पंचायत सदस्यों के मामले में कोई फैसला नहीं हो पाया। करीब 35 क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्यों को एक साथ धारचूला के एक होटल में पाया गया था। आयोग का आदेश था कि ऐसे किसी मामले में प्रारंभिक जांच करने के बाद एफआईआर दर्ज की जाए। आयोग को देर रात तक भी जिला स्तर से कोई रिपोर्ट नहीं मिल पाई थी।
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याचिकाकर्ता विपुल जैन ने उठाए सवाल

पंचायतों में खरीद-फरोख्त के मामले को हाईकोर्ट तक ले जाने वाले अधिवक्ता विपुल जैन ने राज्य निर्वाचन आयोग पर ठोस कार्यवाही न करने का आरोप जड़ा। जैन ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि आयोग ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया कि गायब जिला एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों के मामले में कितनी एफआईआर दर्ज की गईं। जैन ने यह भी कहा कि 21 अक्तूबर को चुनाव परिणाम आने के बाद भी अभी तक चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया गया। हाईकोर्ट का स्पष्ट सुझाव था कि सदस्यों के चुने जाने के 12 दिन के अंदर-अंदर अध्यक्षों का चुनाव करा लिया जाए।

गायब सदस्यों के मामले में जिला स्तर से रिपोर्ट मांगी गई है। बुधवार तक रिपोर्ट मिलने की संभावना है। यह स्पष्ट है कि प्रारंभिक जांच में दोष पाया जाता है तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अब मुकदमा दर्ज करने की कार्यवाही जिला स्तर पर होगी और सक्षम अधिकारी इसकी सूचना आयोग को देंगे।
- चंद्रशेखर भट्ट, राज्य निर्वाचन आयुक्त 

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जिला स्तर पर गठित प्रकोष्ठ

अल्मोड़ा - अपर जिलाधिकारी बीएस फिरमाल और पुलिस उपाधीक्षक कमल राम आर्य
ऊधमसिंह नगर - एडीएम उत्तम सिंह चौहान और अपर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार  
चंपावत - सीडीओ त्रिलोक सिंह मर्तोलिया और पुलिस उपाध्यक्ष ध्यान सिंह
पिथौरागढ़ - एडीएम आरडी पालीवाल और अपर पुलिस अधीक्षक बीबी तिवारी
बागेश्वर - एडीएम राहुल कुमार गोयल और पुलिस क्षेत्राधिकारी महेश चंद्र जोशी
नैनीताल - एडीएम केएस टोलिया और अपर पुलिस अधीक्षक राजीव मोहन
देहरादून - एडीएम वीर सिंह बुद्धियाल और पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल
टिहरी - सीडीओ आशीष भटगाईं और अपर पुलिस अधीक्षक स्वप्न किशोर
चमोली - एडीएम एएस बर्निया और पुलिस उपाधीक्षक पुरुषोत्तम दत्त जोशी
पौड़ी - सीडीओ हिमांशु खुराना और अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय
उत्तरकाशी - एडीएम तीर्थपाल सिंह और उप पुलिस अधीक्षक कमल पंवार
रुद्रप्रयाग - एडीएम अरविंद पांडे और पुलिस उपाधीक्षक गणेश कोहली
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