सभी राज्यों में सामान वाहन पंजीकरण टैक्स को लेकर केंद्र के सभी राज्यों को दिशा निर्देश जारी हुए हैं।
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निर्देशों के तहत चार पहिया वाहनों के लिए 6 फीसदी वाहन पंजीकरण टैक्स लिया जाना है। अगले वित्तीय वर्ष से सामान टैक्स से उत्तराखंड के लिए सबसे बढ़ी चिंता राजस्व कम होने को लेकर है।
उत्तराखंड में अधिक वाहन पंजीकृत
पड़ोसी राज्यों के मुकाबले कम टैक्स होने से उत्तराखंड में अधिक वाहन पंजीकृत होते हैं। उत्तराखंड में नए चौपहिया वाहनों के पंजीकरण टैक्स के दो स्लैब हैं, जिसमें 10 लाख से कम कीमत के वाहनों पर ढाई फीसदी टैक्स, जबकि मंहगी कारों पर अब पांच फीसदी टैक्स है।
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परिवहन विभाग ने फरवरी 2013 में वाहन टैक्स वृद्धि की थी। जिससे सालाना ढ़ाई सौ करोड़ रुपए के राजस्व बढ़ने की उम्मीद जताई गई। अब राष्ट्रीय परिवहन विकास काउंसिल ने एक समान टैक्स प्रणाली लागू करने की सलाह दी है, जिसको 1 अप्रैल 2013 से लागू करना है।
हिमाचल में टैक्स दरें अब भी मंहगी
पड़ोसी राज्य हरियाणा, यूपी, चंडीगढ़ और हिमाचल में टैक्स दरें अब भी मंहगी हैं। इससे उत्तराखंड में अन्य राज्यों के मुकाबले कारों की बिक्री और पंजीकरण अधिक रहेगा।
जिससे उत्तराखंड में 2007-08 में जहां 96905 वाहन पंजीकृत हुए थी वह 2011-12 में बढ़कर 179144 पहुंच गई। इसमें अन्य राज्यों से आने वाली वाहनों की संख्या लगभग 20 फीसदी है, जो सस्ते कर का लाभ लेने के लिए उत्तराखंड में पंजीकरण करवाते है।
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