नदी का पानी बढ़ने के कारण न सिर्फ खोज अभियान प्रभावित हुआ बल्कि बीआरओ की बनाई गई सड़क को भी नुकसान पहुंचा। जलस्तर में बार-बार वृद्धि होने से स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
पांच अगस्त की आपदा के बाद से लोगों में इतना डर बैठ गया है कि नदी में बोल्डर गिरने की हल्की सी आवाज से भी वे घबरा जाते हैं। हालांकि सर्च टीमें लापता लोगों को खोजने के लिए स्निफर डॉग और जीपीआर जैसी आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल कर रही हैं लेकिन अभी तक उन्हें कोई सफलता नहीं मिली है।