यह सिस्टम सुरंग के अंदर फंसे सभी 41 श्रमिकों की सेहत पर लाइफलाइन पाइप के जरिए नजर रखेगा। यदि श्रमिकों की सेहत में गिरावट आती है या वह असामान्य व्यवहार करते हैं यह सिस्टम इसकी भी जानकारी देगा। यह विडियो, ऑडियो एनालिसिस के साथ सपोर्ट सिस्टम के द्वारा मदद करेगा।
वायर और वायरलेस दोनों सिस्टम
उन्होंने बताया कि इस रोबोट में वायर और वायरलेस दोनों सिस्टम है। वायर में दिक्कत हुई तो वायरलेस सिस्टम काम करेगा। इस सिस्टम की मदद से हानिकारक गैसों जैसे मीथेन व कार्बन डाई ऑक्साइड का भी पता लगाया जा सकेगा। मिलिंद राज के मुताबिक सेंसर युक्त डिवाइस को लाइफलाइन पाइप से अंदर भेजा जाएगा।
जबकि एक सिस्टम बाहर रहेगा। उन्होंने बताया कि जनवरी 2023 में लखनऊ में अलाया अपार्टमेंट गिरने पर भी उन्होंने रेस्क्यू रोबोटिक्स से मदद की थी। वहां फंसे 14 लोगों को सकुशल बाहर निकालने में इस सिस्टम से काफी मदद मिली थी।