इससे पहले कब-कब जगी उम्मीदें
14 नवंबर: मजदूरों को बचाने के लिए सुरंग के भीतर ड्रिल शुरू हुई। मलबे की बाधा आई लेकिन तेजी से अभियान ने उम्मीद जगाई।
16 नवंबर : पहली मशीन के नाकाम होने के बाद दूसरी अमेरिकन ऑगर मशीन से ड्रिल शुरू हुई। 18 मीटर तक पहुंची तो उम्मीद बढ़ी।
20 नवंबर : टनल के भीतर सफलतापूर्वक 6 इंच का पाइप पहुंचा तो 900 मिमी पाइप के पहुंचने की उम्मीद फिर बढ़ गई।
21 नवंबर: मशीन के भीतर टेलिस्कोपिक कैमरा पहुंचाया। मजदूर दिखे। अभियान में और तेजी आई। 900 मिमी पाइप 22 मीटर पर अटकने के बाद 800 मिमी पाइप उसके भीतर से भेजने का काम शुरू हुआ।
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22 नवंबर : 800 मिमी का पाइप 36 मीटर से अधिक दूर तक पहुंचा। ऑपरेशन के जल्द खत्म होने की उम्मीदों ने मारा जोर।
24 नवंबर : 800 मिमी पाइप के भीतर फंसे लोहे को काटने के दौरान गैस कटर के धुएं की महक मजदूरों तक पहुंची तो उम्मीदें बढ़ीं।