सिलक्यारा सुरंग में फंसे 40 मजदूरों को बचाने के लिए अमेरिकी ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का काम शुरू हो गया है लेकिन भूस्खलन के दौरान मलबे में दबी दो मशीनें इसमें समस्या पैदा कर सकती है। हालांकि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री वीके सिंह ने इससे इन्कार किया है।
बीते रविवार को निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में जब भूस्खलन हुआ तो वहां शॉटक्रिटिंग व एक बूमर मशीन दब गई। वर्तमान में यहां सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अत्याधुनिक अमेरिकी जैक एंड पुश अर्थ ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का काम जोरों पर है जो कि एक घंटे में पांच मीटर तक ड्रिल करने में सक्षम है।
छह-छह मीटर के 820 से 900 एमएम के पाइप करीब 70 मीटर तक फैले मलबे में डालकर रास्ता तैयार किया जाएगा। पाइपों से निकलकर आने में मजदूरों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए एक ट्रॉली भी पाइपों के अंदर रहेगी जो उन्हें खींचकर बाहर निकालेगी। लेकिन इस काम में मलबे में दबी मशीनें बाधा बन सकती है।
यह ड्रिलिंग मशीन के ऑगर के आगे आई तो उसे नुकसान पहुंचा सकती हैं। इधर, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेनि.) वीके सिंह का कहना है कि मशीनें जिस जगह दबी हैं उससे हटकर ही ड्रिलिंग की जा रही है।
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ओडिशा सरकार के प्रतिनिधि पहुंचे
सिलक्यारा सुरंग में ओडिशा राज्य के पांच लोगों के फंसने की सूचना पर ओडिशा राज्य के प्रतिनिधि सिलक्यारा पहुंचे। उन्होंने यहां राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली। ओडिशा के भुवनेश्वर में श्रम अधिकारी सत्यनारायण आचार्य ने बताया कि उन्हें ओडिशा सरकार ने अपने राज्य के लोगों का हाल जानने के लिए प्रतिनिधि बनाकर भेजा है।