मगर, बहुत लोग और संगठन ह्यूम पाइप न होने पर सवाल उठा रहे हैं। इसे कंपनी की लापरवाही मान रहे हैं। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी इस पर कंपनी को घेर चुकी है। अब यह और भी ज्यादा बड़ा चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर क्यों इसे निकाल लिया गया। जबकि, इस पाइप को तभी निकाला जाना चाहिए था जब सुरंग आवाजाही के लिए बिल्कुल तैयार हो जाती।
पहाड़ का यह हिस्सा हमेशा से संवेदनशील रहा है। ऐसे में किसी भी खतरे की आशंका हर वक्त बनी थी। फिर क्यों इतनी बड़ी चूक हुई। बताया जा रहा है कि मजदूरों के बचाव के बाद इस मामले में बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।