जैसे ही एंबुलेंस करीब सात किमी की दूरी पर बंदरकोट में रतूड़ीसेरा के समीप पहुंची, वैसे ही प्रसव पीड़ा तेज होने के कारण 108 कर्मियों ने उनका सुरक्षित प्रसव करवाया। उनके दूसरे प्रसव में बेटी ने जन्म लिया।
बता दें कि जिला महिला अस्पताल से हर दिन दो से तीन गर्भवती महिलाओं को रेफर किया जा रहा है। दो दिन पूर्व डुंडा विकासखंड की एक प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को पहले परिजन सीएचसी डुंडा ले गए, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां पर शाम को पांच बजे उसे रेफर किया गया, लेकिन उसे हायर सेंटर जाने के लिए रात्री में करीब 10 बजे एंबुलेंस मिल पाई।