तो सिंकिंग जोन में होने से हो रहा है भू-धंसाव
डीएफओ डीपी बलूनी ने बताया कि दयारा बुग्याल सिंकिंग(धंसाव) जोन के अंतर्गत आता है। बताया कि भटवाड़ी से लेकर पूरा ऊपरी क्षेत्र ही धंसाव क्षेत्र मे हैं। नीचे का क्षेत्र धंसने से ऊपरी बुग्याल क्षेत्र में दरारें पड़ रही हैं। दरारें चौड़ी होने और उनमें पानी घुसने से भूस्खलन और भू-धंसाव तेज हो रहा है। बताया कि संवेदनशील इस क्षेत्र में लंबी दूरी की पेट्रोलिंग के दौरान दरारों और भूस्खलन आदि की निगरानी की जाती है।
दयारा बुग्याल में भूस्खलन और भू-धंसाव को रोकने के लिए करीब चार-पांच साल पूर्व कार्य हुआ था। उसके बाद से वहां पर कोई कार्य नहीं हुए हैं। बुग्याल संरक्षण योजना के तहत इसे लेकर प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाएगा।
-डीपी बलूनी, डीएफओ उत्तरकाशी वन प्रभाग।