15 से 20 फीट मलबा पूरे मैदान पर फैला हुआ
इसी तरह कुछ ऐसे उपकरण भी हैं जो सांस, दिल की धड़कन, ऑक्सीजन आदि की पहचान कर मलबे में जीवित लोगों का पता लगा सकते हैं। धराली में अब चुनौतियां इससे अलग हैं। 15 से 20 फीट मलबा पूरे मैदान पर फैला हुआ है। गत मंगलवार को चंद सेकेंड के लिए आए 15 मीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से लाखों टन मलबे में बहुत से लोग पलक झपकते ही समा गए। अब यहां एक मैदान की तरह दिखता है जिस पर पानी भी बह रहा है।
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विशेषज्ञ मानते हैं कि इतने नीचे दबे लोगों को तलाशने के लिए ये तकनीकें बेहद कम कारगर साबित होंगी। इसके लिए वहां पर मशीनों और मजदूरों की मदद से थोड़ी-थोड़ी खोदाई कर ही मलबा हटाकर दबे लोगों को निकाला जा सकता है। डीआईजी एनडीआरएफ गंभीर सिंह चौहान ने बताया कि एनडीआरएफ और अन्य फोर्स के पास उपकरण काफी हैं लेकिन ये कितने कारगर साबित होते हैं इसका पता अभी कुछ समय बाद ही लग सकता है। यहां पर 15 से 20 फीट मलबा है। ऐसे में यहां इनके सफल होने की संभावना न के बराबर है। फिलहाल खोजी डॉग के माध्यम से वहां पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है।