मुख्यमंत्री ने समय पर गेहूं खरीद केंद्रों की स्थापना और सीमांत क्षेत्रों के साथ ही कुंभ के दृष्टिगत हरिद्वार में भंडारण क्षमता बढ़ाए जाने की व्यवस्था करने व संबंधित विभागों से इस संबंध में प्रभावी कार्य योजना बनाकर समन्वय बनाने का निर्देश दिया। सीएम ने जैविक गेहूं के उत्पादन एवं इस क्षेत्र में कार्य कर रहे किसानों को भी आवश्यक सहयोग देने की बात कही। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने खाद्य विभाग, सहकारिता एवं नैफेड के माध्यम से कुल 174 खरीद केंद्र बनाने और नए बोरों की खरीद की अनुमति दी।
सचिव खाद्य सुशील कुमार ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2020-21 में साढ़े तीन लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुआई और साढ़े नौ लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य है। विश्व बैंक के सहयोग से पांच-पांच सौ मीट्रिक टन क्षमता के दो अस्थाई गोदाम धारचूला एवं हरिद्वार में स्थापित किए गए हैं।
ऊधम सिंह नगर और ऋषिकेश में 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के दो नए भंडारण गृह बनाये गए हैं। बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, आरएफसी कुमाऊं ललित मोहन रियाल, आरएफसी गढ़वाल चंद्र सिंह, अपर जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर जगदीश चंद कांडपाल और निदेशक कृषि गौरी शंकर मौजूद रहे।