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गंगोत्री हाईवे: सुनगर में बंद रास्ता 36 घंटे बाद खुला, बोल्डर और मलबा आने से बह गया था हाईवे का 20 मीटर हिस्सा

Tue, 08 Jun 2021 09:49 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी

सार

सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे बंद हुए हाईवे को बीआरओ के मजदूर और मशीनों की कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार शाम को आवाजाही के लिए खोला गया।
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गंगोत्री हाईवे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुनगर के पास भारी भूस्खलन से बंद हुए गंगोत्री हाईवे पर मंगलवार शाम 36 घंटे बाद आवाजाही बहाल हो गई है। सोमवार सुबह पहाड़ी से बोल्डर व मलबा आने और हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा नदी में बह जाने से हाईवे अवरूद्ध हो गया था।सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण गंगोत्री हाईवे भारत-चीन सीमा पर अग्रिम चौकियों के साथ गंगोत्री धाम और उपला टकनौर क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ता है। लेकिन भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र होने के कारण सुनगर में बिना बारिश के भी पहाड़ी से बोल्डर व मलबा आने से यह सुचारू आवाजाही के लिए मुसीबत बनता जा रहा है।

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सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे बंद हुए हाईवे को बीआरओ के मजदूर और मशीनों की कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार शाम को आवाजाही के लिए खोला गया। जिसके लिए यहां बड़े-बड़े बोल्डर हटाने के लिए ब्लास्टिंग भी की गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि हाईवे पर सुचारू आवाजाही बहाल कर दी गई है। जिससे दोनों ओर फंसे वाहनों को राहत मिली है। 
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हाईवे बंद होने पर फंसी प्रसव पीड़िता, पुलिस और एसडीआरएफ ने की मदद
सुनगर में गंगोत्री हाईवे के भूस्खलन से बंद होने के कारण हाईवे के दूसरे छोर पर फंसी एक गर्भवती महिला के लिए पुलिस और एसडीआरएफ की टीम देवदूत साबित हुई। टीम ने प्रसव पीड़िता को सकुशल भूस्खलन क्षेत्र पार करवाकर जिला अस्पताल भिजवाया। सोमवार को मुखबा गांव की एक गर्भवती को प्रसव पीड़ा। परिजन महिला को उत्तरकाशी लेकर आ रहे थे, लेकिन सुनगर में भारी बोल्डर व मलबा आने के कारण हाईवे बंद मिला। पीड़िता की परेशानी को देखकर पुलिस व एसडीआरएफ की टीम ने जोखिम के बीच ही महिला को वाहन से निकाला और धीरे-धीरे पैदल ही भूस्खलन जोन पार कराया। इसके बाद प्रसव पीड़िता को अस्पताल भिजवाया गया। टीम में एसआई गिरीश बडोनी, कांस्टेबल प्रदीप, सोवेंद्र पाल और राजेश रावत आदि रहे। 

सुरंग निर्माण के लिए किए जा रहे विस्फोट, बिफरे ग्रामीण

श्रीनगर में विकास खंड खिर्सू के दिखोलयूं गांव के पास रेल सुरंग के लिए विस्फोट करने पर स्थानीय लोगों ने रोष जताया है। विरोध स्वरूप ग्रामीणों ने काम भी रोके रखा। ग्रामीणों का कहना है कि विस्फोट से मकानों में दरारें आ रही हैं।

वर्तमान में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे दिखोलयूं/डुंगरीपंत गांव में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग परियोजना का काम चल रहा है। यहां सुरंग और रेलवे स्टेशन बनाए जा रहे हैं। दिखोलयूं के ग्रामीणों का आरोप है कि आरवीएनएल की ओर से नियुक्त कंपनी सुरंग बनाने के लिए विस्फोटकों का इस्तेमाल कर रही है। इससे उनके भवनों में दरारें आ रही हैं। लोगों के शौचालय के पिट टूट गए हैं। वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है।

पहले भी कई बार कार्यदायी संस्था से विस्फोट न करने का अनुरोध किया गया था लेकिन संस्था मानी नहीं। कंपनी के रवैये के खिलाफ रविवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने काम रुकवाते हुए क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत की मांग की। मौके पर ग्रामीणों की दूरभाष पर एसडीएम से वार्ता हुई। एसडीएम की ओर से मंगलवार को मौके पर आने का आश्वासन मिलने पर ग्रामीण मान गए। 
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मलबे ने तीन घंटे तक रोकी आवाजाही

पिथौरागढ़ में गुड़ौली के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने से पिथौरागढ़-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग तीन घंटे से अधिक समय तक बंद रहा। इस दौरान दोनों ओर दर्जनों वाहन फंसे रहे। सुबह 7:30 बजे यातायात सुचारु हो सका। 

आजकल राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के लिए गुड़ौली और बंदरलीमा के बीच पहाड़ कटिंग की जा रही है। इसी कारण सोमवार रात पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर गिर गया। इससे सुबह चार बजे से जिला मुख्यालय की ओर आ रहे और धारचूला, डीडीहाट रूटों पर जा रहे वाहन फंस गए।

इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। तड़के मौके पर पहुंचे कुछ निजी वाहन डीडीहाट थल होकर पिथौरागढ़ पहुंचे। सूचना मिलने के बाद बीआरओ ने मौके पर जेसीबी सहित अन्य मशीनें भेजकर सड़क खोली। इसके बाद यातायात सुचारु हो सका।
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