पिछले 21 दिनों से धरने पर बैठे पीआरडी जवान कड़ाके की ठंड के बावजूद अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे हैं। कई दिक्कतों के बावजूद महिला पीआरडी जवान भी यहां दिन-रात धरने पर डटी हैं। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए पीआरडी जवान दिन में लकड़ियों इक्ट्ठा कर रात को अलाव की व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन यह अलाव रातभर के लिए नाकाफी है। घर-परिवार और अपने छोटे -छोटे बच्चों को छोड़कर धरने पर बैठी पीआरडी जवानों का कहना है कि सरकार का रवैये देखकर घर जल्दी जाने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
गांधी पार्क धरना स्थल पर ही महिला पीआरडी जवान रात गुजार रही हैं। चमोली, टिहरी, उत्तरकाशी सहित अलग-अलग जिलों से पहुंचे पीआरडी जवान गांधी पार्क में धरना दे रहे हैं। भारी असुविधाएं होने के बावजूद सभी जवान धरने पर डटे हैं। चमोली से पहुंची पीआरडी जवान सरित राय (36) ने बताया कि चार बच्चों को घर में छोड़कर पिछले 21 दिनों से यहां धरने पर बैठी हूं। और जब तक जीओ जारी नहीं होता तब तक वापस नहीं जाऊंगी।
सरिता ने कहा कि जब घोषणा की जा चुकी है तो फिर जीओ जारी करने में परेशानी क्यों? नौगांव की सावित्री (30)ने बताया कि अपने दो बच्चों की जिम्मेदारी अकेले उन्हीं पर है, जिन्हें वह गांव में ही छोड़कर आई है। अभी घर जाने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। पुरोला की सीमा(28) और उत्तरकाशी की धर्मा ने कहा कि महिलाएं यहां किस स्थिति में रात गुजार रही हैं, ये देखने के बाद भी सरकार सुध नहीं ले रही है। इस मौके पर दिनेश प्रसाद, गोपाल सिंह, तोमर हरीश, किशन रावत, दिलावर सिंह, दिलीप चौहान, मुकेश चौहान, रोशन चौहान , विजेंद्र चौहान, विनय कुमार, सूरज रावत सोनी रावत, कलम सिंह, आलम सिंह आदि मौजूद रहे।