बता दें कि तराई-भाबर में 28 दिसंबर 18 सालों में दिसंबर का सबसे सर्द दिन रहा। शनिवार को हल्द्वानी-रुद्रपुर का अधिकतम तापमान 12.1 और न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस रहा है। वहीं, नैनीताल का तापमान 13 और न्यूनतम पारा चार डिग्री सेल्सियस रहा।
वहीं, खटीमा में शुक्रवार की रात न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। ठंड से क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं, गदरपुर, किच्छा और काशीपुर में शनिवार को कोहरा छाया रहा। सरोवर नगरी में रात में जमकर पाला गिरने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है, हालांकि दिन में धूप खिली होने से लोगों को ठंड से राहत मिल रही है।
अल्मोड़ा में सुबह-शाम शीत लहर और हाड़कंपाती ठंड से लोग बेहाल हैं। शनिवार को यहां न्यूनतम तापमान दो और अधिकतम 14 डिग्री रिकार्ड किया गया। उधर, गाजियाबाद में कोहरा होने से हिंडन एयरपोर्ट से विमान नैनीसैनी नहीं आ सका। हेरिटेज एविएशन के हेलीकॉप्टर ने भी पिथौरागढ़ और देहरादून के केवल दो चक्कर लगाए, जिनमें कुल 13 यात्रियों ने सफर किया।
पंतनगर विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया 30 दिसंबर तक कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। 31 दिसंबर से तापमान में सुधार होने की संभावना है। वहीं, देहरादून के मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं पर पाला पड़ने संभावना है।
भगवानपुर में एक बच्चा अलाव में गिरकर गंभीर रूप से झुलस गया। परिजनों की ओर से बच्चे को इलाज के लिए देहरादून भर्ती कराया गया है। रविवार की सुबह औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले प्रेमचंद का सात वर्षीय पुत्र सौरभ अलाव ताप रहा था।
इस दौरान सौरभ को अचानक चक्कर आ गए और वह बेहोश होकर अलाव पर गिर गया। जब तक सौरभ को उठाया जाता, तब तक वह बुरी तरह से झुलस गया था। इसके बाद परिजन सौरभ को लेकर कस्बे में ही एक चिकित्सक के पास पहुंचे, लेकिन चिकित्सक ने सौरभ की हालत को गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इसके बाद सौरभ के परिजनों ने उसे देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां पर उसका इलाज चल रहा है।