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Uttarakhand: देहरादून में धूप और बादलों की लुकाछिपी तो मसूरी में ओलावृष्टि, बदरीनाथ में फिर हुई बर्फबारी

Tue, 25 Jan 2022 06:07 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली और कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़, बागेश्वर और खटीमा के ज्यादातर इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में अगले 48 घंटों के दौरान शीत दिवस (कोल्ड डे) की स्थिति रह सकती है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में मंगलवार को भी बादल छाये रहेंगे और बारिश होगी। हालांकि देहरादून सहित पहाड़ी इलाकों में धूप खिली रही, देहरादून में धूप और बादलों में लुकाछिपी जारी रही। शाम को फिर बूंदाबांदी होने से ठंड बढ़ गई। वहीं मैदानी इलाकों में हल्के बाद छाए रहे। बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में भी मंगलवार को धूप खिल आई। जिससे सर्दी से राहत मिली। मूसरी में मंगलवार को मौसम का मिजाज बदलता रहा। सुबह धूप खिली, लेकिन दोपहर बाद मौसम बिगड़ गया। मसूरी में बारिश और हल्की ओलावृष्टि हुई।

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बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब में फिर हुई बर्फबारी
चमोली जनपद में दोपहर तक मौसम सामान्य रहने के बाद अचानक मौसम ने फिर करवट बदली और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फिर बर्फबारी शुरू हो गई। बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, गौरसों बुग्याल, औली, लाल माटी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। देर शाम तक भी बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा। वहीं बर्फबारी से पहले ही पर्यटक औली सहित पर्यटन स्थलों पर उमड़ पड़े। वहीं निचले क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ शीतलहर चली। 
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औली सड़क खुलने पर पर्यटकों ने ली राहत की सांस 
पांच दिन बाद मंगलवार को मौसम सामान्य हुआ तो औली का नजारा काफी खुशगवार दिखा। चटख धूप में औली में चारों ओर जमी बर्फ का पर्यटकों ने जमकर लुत्फ उठाया। वहीं औली मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सुचारु होने के बाद पर्यटकों ने राहत की सांस ली। औली में दिनभर खूब चहल-पहल बनी रही। अभी भी जगह-जगह बर्फ जमी होने के कारण अधिकांश पर्यटक रोपवे से ही औली पहुंच रहे हैं।

धनोल्टी क्षेत्र में मुसीबत बनी बर्फ, तीन दिन से सड़क बंद 
चंबा-धनोल्टी मार्ग तीसरे दिन भी यातायात के लिए नहीं खुल पाया। काणाताल और कद्दूखाल के बीच सड़क बंद चल रही है। तीसरे दिन धनोल्टी-मसूरी मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने धनोल्टी क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। काफी मशक्कत के बाद ऊर्जा निगम को दो दिन बाद धनोल्टी क्षेत्र में बिजली की सप्लाई करने में कामयाबी मिली है। सैलानी बड़ी संख्या में बर्फ देखने धनोल्टी आ रहे हैं, लेकिन काणाताल, कद्दूखाल से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। चंबा और काणाताल के बीच बार-बार जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। वहीं गंगी गांव की सड़क भी बंद पड़ी है। चंबा थानाध्यक्ष पंकज देवरानी ने बताया कि वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण काणाताल और कद्दूखाल में जाम लग रहा है। पर्यटक सड़क किनारे वाहन खड़े कर बर्फ में खेलने जा रहे हैं, जिससे जाम की लग रहा है। इधर, सीमांत गंगी गांव की सड़क भी बर्फ के कारण दो दिन से यातायात के लिए बंद है। यदि जल्द ही रिह-गंगी सड़क नहीं खुली, तो गांव में खाद्यन्न संकट हो सकता है।

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धर्मनगरी में जनवरी में रिकॉर्ड तोड़ बारिश 

जनवरी में हरिद्वार में 132.6 एमएम बारिश का नया रिकार्ड बन गया है। मौसम विभाग के पास मौजूद 1998 तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 साल में इतनी ज्यादा बारिश नहीं हुई है। उससे पहले का डाटा विभाग के पास नहीं है। वहीं दूसरी तहफ बारिश से फसलों को खासा नुकसान हुआ है। पहाड़ों में बर्फबारी से शीत लहर चल रही है जिससे ठिठुरन बढ़ गई है। 

मौसम के उतार-चढ़ाव से नए रिकार्ड बनते और टूटते हैं। इस साल हरिद्वार ही नहीं पूरे उत्तर भारत में जमकर आसमान बरसा है। दिल्ली में कई दशकों का रिकार्ड टूटा है। धर्मनगरी में भी बारिश ने ऐसा रिकार्ड बना दिया है जिसकी तुलना के लिए मौसम विभाग के पास पुराना कोई डाटा ही नहीं है। धर्मनगरी में पहले पखवाड़े में जमकर आसमान बरसा। दूसरे पखवाड़े में भी लगातार बारिश है। बारिश से आलू की फसल बर्बाद हो गई है। गेहूं और सरसों के खेतों में जलभराव से पौध खराब हो रही है।
 
बारिश से तापमान भी हर रोज ऊपर-नीचे हो रहा है। बारिश होने पर आर्द्रता बढ़ जाती है। इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान बढ़ने लगता है। बारिश बंद होने के करीब 24 घंटे बाद फिर तापमान में गिरावट आती है और ठंठ अपना असर दिखाती है। दो दिन की बारिश के बाद सोमवार को अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यनूतम 11 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। सोमवार सुबह तक 14.2 एमएम बारिश हुई। 

मौसम विभाग के बहादराबाद केंद्र में 1998 से पहले का बारिश का रिकार्ड मौजूद नहीं है। 1998 के बाद पहली बार जनवरी माह में 132.6 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इससे पहले 2014 में जनवरी माह में 84 एमएम बारिश का रिकॉर्ड था। 132.6 एमएम बारिश होने का कोई पुराना दस्तावेज नहीं है।
- नरेंद्र रावत, शोध पर्यवेक्षक मौसम विभाग
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