चीन और नेपाल सीमा से सटा पिथौरागढ़ जिला कई दशकों से आपदा का दंश झेल रहा है। वर्ष 1977 से अब तक 14 से अधिक बड़ी दैवी आपदाओं में 497 से अधिक लोग जिंदगी से हाथ धो चुके हैं। जंगलों का अंधाधुंध कटान, सड़क निर्माण में विस्फोटकों और भारी मशीनों का प्रयोग, पहाड़ की परंपरागत भवन शैली छोड़कर सीमेंट के मकानों का निर्माण, नदियों से अवैज्ञानिक तरीके से खनन आदि को इन आपदाओं की प्रमुख वजह माना जाता है। इसके बावजूद सरकार और प्रशासनिक अमलों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।