अगस्त्यमुनि विकासखंड के जगोठ-कमसाल गांव के पास चोलाणी गदेरे में अतिवृष्टि से आए सैलाब से बेडूबगड़-गणेशनगर मोटर मार्ग पर 12 मीटर लंबा पुल ध्वस्त हो गया है। साथ ही सिंचाई नहर व पेयजल लाइनें भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। मलबे से गांवों की 50 नाली से अधिक कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। वहीं, मोटर पुल ध्वस्त होने से क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
मंगलवार देर शाम को मूसलाधार बारिश के दौरान कमसाल गांव के पास बहने वाले चोलाणी गदेरे के उफान ने भारी तबाही मचा दी। बताया जा रहा है कि गदेरे के ऊपरी क्षेत्र में अतिवृष्टि से अचानक मलबे के साथ गदेरे का जलस्तर कई मीटर बढ़ गया जिससे बेडूबगड़-गणेशनगर मोटर मार्ग पर निर्मित पुल के स्लैब बह गए। साथ ही पुल के एक एबेडमेंट को भी क्षति पहुंची है। पुल के ध्वस्त होने से क्षेत्र के धारतोंदला, जगोठ, कमसाल, गणेशनगर, पिल्लू, जहंगी समेत 20 से अधिक गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
दूसरी तरफ मलबे के सैलाब से गांवों के लिए संचालित 8 पेयजल योजनाएं और दो सिंचाई नहरें भी व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। क्षेत्र में कई जगह भूधंसाव हो गया है जिससे लोगों की खेती भी चौपट हो गई है। साथ ही 60 नाली से अधिक भूमि पर जगह-जगह मलबा भर गया है।
वाहनों में छह घंटे भूखे-प्यासे बैठे रहे मुसाफिर
नई टिहरी में चंबा-धरासू हाईवे पर सफर करना जोखिमभरा हो गया है। बुधवार को कांडीखाल डाबरी के समीप हाईवे छह घंटे तक बंद रहा। वहां चट्टान से हाईवे पर बार-बार पत्थर गिरने के कारण वाहनों का संचालन नहीं हो पाया, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान छह घंटे तक लोग वाहनों में ही भूखे-प्यासे बैठे रहे।
चंबा-धरासू हाईवे पर ऑल वेदर परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। चौड़ीकरण के लिए जगह-जगह कटिंग के कारण बार-बार मलबा सड़क पर गिर रहा है, जिससे सफर जोखिमभरा हो गया। कांडीसौड़ डाबरी के समीप हाईवे पर नया भूस्खलन जोन सक्रिय हो गया है। वहां बार-बार चट्टान से हाईवे पर पत्थर गिर रहे हैं। बुधवार सुबह 9.30 बजे डाबरी के समीप चट्टान से पत्थर गिरने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो अपराह्न दो बजे तक लगातार जारी रहा।
स्यूंणी-टैठी-पाटा मार्ग 11 दिन से बाधित
रुद्रप्रयाग में बच्छणस्यूं पट्टी की दस से अधिक ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला स्यूंणी-टैठी-पाटा मोटर मार्ग कई दिनों से बंद है। इस कारण ग्रामीणों को मीलों की दूरी पैदल नापनी पड़ रही है। साथ ही बीमार और गर्भवती महिलाओं को तीमारदार डंडी में बैठाकर सड़क तक पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने जल्द मार्ग की मरम्मत न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बदहाली का दंश झेल रहा यह मार्ग सुराड़ी, गैरसारी, क्वल्ली, टैठी, पाटा सहित दस से अधिक ग्राम पंचायतों को जोड़ता है। बरसात की वजह से कई जगह मार्ग की हालत खराब है। मार्ग के बाधित होने से ग्रामीणों मीलों पैदल चलकर कांडई पहुंचना पड़ रहा है। यहीं से उन्हें आगे के सफर के लिए वाहन मिल पाते हैं।
अगस्त्यमुनि ब्लॉक के कनिष्ठ प्रमुख शशि नेगी, उक्रांद के जिला प्रवक्ता मोहित डिमरी, सामाजिक कार्यकर्ता हरीश कुमार, पूर्व ग्राम प्रधान मनवर सिंह, एलएस बिष्ट, सुरेंद्र बिष्ट, हरेंद्र नेगी, रतन सिंह आदि का कहना है कि नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनपीसीसी) ने मार्ग की मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं है। लोगों को कांडई से गैस सिलिंडर, राशन व अन्य जरूरी सामग्री पीठ पर ढोकर लानी पड़ रही है।