कैंपों के अंदर ठहरे कर्मचारियों और पर्यटकों ने इधर-उधर भागकर जान बचाई। लेकिन, एक कैंप के अंदर रुके सेक्टर-चार 1756, कुरुक्षेत्र, हरियाणा के कमल वर्मा, निशा वर्मा, उनका बेटा निशांत, निर्मित और मोंटी मलबे में दब गए। उनके साथ आठ वर्षीय कृतिका भी थी।
कृतिका की चीख पुकार सुनकर कैंप के कर्मचारियों ने उसे समय रहते सकुशल बाहर निकाल लिया। मलबे में दबे एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत पांचवां रिश्तेदार मोंटी है। सूचना पर पहुंची स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं।
बताया जा रहा है कि हरियाणा का यह परिवार छुट्टी मनाने के लिए रविवार शाम ही रवाड़ा में नाइट पैराडाइज कैंप पहुंचा था। एसडीएआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि देर शाम मोंटी का शव बरामद कर लिया है। बाकी दबे चार लोगों की खोजबीन जारी है।