मलबा आने से गंगोत्री हाईवे बंद
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गंगोत्री हाईवे पर बंदरकोट में भूस्खलन की चपेट में आने से एक आवासीय भवन की छत क्षतिग्रस्त हो गई। प्रशासन ने उक्त भवन को खाली करा दिया है। वहीं प्रभावित भवन स्वामी ने विस्थापन की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवार की नियमानुसार मदद की जाएगी। भूस्खलन से सोमवार को बंद हुआ गंगोत्री हाईवे 20 घंटे बाद मंगलवार को यातायात के लिए सुचारु हो पाया।
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बीते सोमवार को बिना बारिश के ही गंगोत्री हाईवे पर बंदरकोट में भारी भूस्खलन हो गया। मलबा व बोल्डर और पेड़ टूटकर आने से कई वाहन फंस गए थे। वहीं भूस्खलन क्षेत्र के ठीक नीचे चमन लाल चावला का आवासीय भवन भी इसकी जद में आ गया।
एसडीएम मीनाक्षी पटवाल के नेतृत्व में पहुंची तहसील प्रशासन की टीम ने आवासीय भवन को खाली करा दिया। साथ ही उनके लिए किराये पर आवासीय भवन की व्यवस्था की है। एसडीएम ने विस्थापन की मांग पर संबंधित एजेंसी से संयुक्त सर्वे कराने की बात कही।
इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि गंगोत्री हाईवे बंद होने पर सुरक्षा को देखते हुए वाहनों का देवीधार, संकूर्णा होते हुए आवागमन कराया गया था। मंगलवार सुबह से बीआरओ की मशीनों ने मलबा व बोल्डर हटाना शुरू किया। तीन बजे के बाद यातायात सुचारु करा दिया गया है। हालांकि हाईवे पर अभी भी मलबा व बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है।
बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर हुई बर्फबारी
बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने के साथ ही बदरीनाथ धाम में बारिश हुई, जिससे यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके अलावा हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, लाल माटी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई। बर्फबारी से निचले क्षेत्रों में भी ठंड बढ़ गई है। बदरीनाथ धाम में बर्फबारी होने के बाद ठंड बढ़ने से तीर्थयात्री अपने कमरों में ही दुबक गए।