आपदा नियंत्रण कक्ष से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पैदल मार्ग की लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं यात्रा मार्ग पर तैनात एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, आपदा मित्रों और अन्य बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
केदारनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर जिला आपदा परिचालन केंद्र की ओर से यात्रा मार्ग और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। वहीं मौसम खराब होने पर यात्रा रोकी जा रही है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि केदारनाथ यात्रा मौसम के अनुरूप संचालित हो रही है और मौसम सामान्य होने पर यात्रियों को आगे भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि आपदा नियंत्रण कक्ष से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पैदल मार्ग की लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं यात्रा मार्ग पर तैनात एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, आपदा मित्रों और अन्य बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। यदि मौसम अचानक खराब होता है या यात्रा मार्ग पर खतरा बढ़ता है तो एहतियातन यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर लगातार लाउडस्पीकर और अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से यात्रियों को मौसम की स्थिति और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
बारिश से तीन जगह बंद रहे बदरी-केदार हाईवे
लगातार बारिश के कारण सोमवार सुबह जिले में बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे तीन स्थानों पर मलबा आने से बंद रहे। सिरोहबगड़ में बदरीनाथ हाईवे पर मलबा आने से करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान डंपिंग जोन के पास एक ओवरलोड ट्रक मलबे में फंस गया जिसे एनएच की जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया। मार्ग सुचारु कराने के लिए आरवीएनएल, खांकरा से भी अतिरिक्त मशीन मंगाई गईं। वहीं केदारनाथ हाईवे बांसवाड़ा के पास सुबह करीब 6:10 बजे मलबा आने से बंद हो गया। सूचना मिलते ही एनएच की टीम जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची और मलबा हटाकर मार्ग खोला गया। इसके अलावा सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच शटल पार्किंग भी प्रभावित रही। वहीं एनएच के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी तैनात हैं ताकि मार्ग बंद होने पर कम समय में आवाजाही बहाल की जा सके।