बांसवाड़ा और सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर मशीनें मलबा हटाने में जुटीं हैं। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 20 जुलाई को रेड अलर्ट और 21 जुलाई को फिर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस अवधि में कई स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश, जलभराव, भूस्खलन और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका जताई गई
लगातार बारिश के बीच सोमवार सुबह जिले में तीन स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग मलबा आने से बाधित हो गए। सिरोहबगड़ में मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया, जबकि डंपिंग जोन के पास मलबे में फंसे ओवरलोड ट्रक के कारण आवाजाही पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। वहीं बांसवाड़ा और सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर भी मलबा हटाने का कार्य जारी है।
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जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोहबगड़ के समीप सुबह मलबा आने से मार्ग बंद हो गया था। इसके अलावा डंपिंग जोन के पास एक ओवरलोड ट्रक मलबे में फंस गया। जेसीबी की मदद से सुबह 6:50 बजे सिरोबगड़ में यातायात बहाल कर दिया गया, लेकिन ट्रक को पहले खाली कराया जा रहा है। इसके बाद उसे हटाकर मार्ग पूरी तरह सुचारु किया जाएगा। कार्य में तेजी लाने के लिए आरवीएनएल, खांकरा से अतिरिक्त मशीन भी मंगाई गई है।
वहीं केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बांसवाड़ा के पास सुबह करीब 6:10 बजे मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलते ही विभाग ने जेसीबी मशीन मौके पर भेज दी। इसके अलावा गौरीकुंड और सोनप्रयाग के बीच शटल पार्किंग के आगे तथा किमी-74 पर भी मलबा आने से मार्ग बाधित हुआ, जहां जेसीबी मशीनें मार्ग खोलने में जुटी हैं। जिला प्रशासन ने यात्रियों से मौसम और मार्ग की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की।