इसके बाद प्रदेश संयोजक विनोद गोदियाल ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा, उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर पूरा विश्वास है कि वे नौ सूत्री मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेंगे। इसके बाद सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, उपनल एमडी के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने घोषणा की कि सभी उपनल कर्मियों का मानदेय 10 प्रतिशत बढ़ेगा, जिसका शीघ्र शासनादेश होगा।
इसके अलावा अन्य मांगों जैसे कर्मचारियों को विभाग से निरंतर हटाने, ऊर्जा निगमों में स्थगित महंगाई भत्ता समेत अन्य मांगों को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित होगी। यह समिति 30 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।
समिति में अपर मुख्य सचिव वित्त, कार्मिक एवं न्याय विभाग के अफसर भी शामिल होंगे। सचिव सैनिक कल्याण इसके सदस्य सचिव होंगे। आंदोलन अवधि के दौरान की छुट्टियां कर्मचारियों के अनुमन्य अवकाश में समायोजित की जाएंगी।