टाटा कंपनी से परिवहन निगम के लिए खरीदी गई बसों के लीवर टूटने का सिलसिला जारी है। सूत्रों के मुताबिक बुधवार को एक और बस का लीवर टूट गया। लीवर टूटने की घटनाओं को गंभीरता को लेते हुए प्रबंध निदेशक ने प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच का जिम्मा सेंट्रल इंस्टीट्यूट आफ रोड ट्रांसपोर्ट (सीआईआरटी) को सौंपा गया है।
बता दें कि परिवहन निगम ने टाटा व अशोक लेलैंड से 300 नई बसें खरीदी हैं। टाटा ने बीएस-4 मॉडल की 150 बसों की आपूर्ति भी कर दी है। चौंकाने वाली बात इनमें से तीन बसों के गीयर लीवर टूट चुके हैं। निगम की सूचना पर कंपनी टूटे गीयर लीवर्स को बदल रही है और बसों की तकनीकी जांच भी की जा रही है।
परिवहन निगम अधिकारियों को इस बात का डर सताने लगा है कि यदि पर्वतीय इलाकों में चढ़ाई के दौरान नई बसों का गीयर लीवर टूट गया तो इससे बड़ा हादसा हो सकता है। इसी आशंकाओं को देखते हुए फिलहाल तमाम नई बसों के संचालन पर रोक लगा दी गई है।
प्रबंध निदेशक का कहना हैै कि सीआईआरटी के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जांच किए जाने तक फिलहाल बसों के संचालन पर रोक लगाई गई है। तकनीकी रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नई बसों का गीयर लीवर टूटना गंभीर बात है। प्रकरण की सीआईआरटी के विशेषज्ञों से जांच करायी जा रही है। फिलहाल बसों के संचालन पर रोक लगाने के साथ ही वित्तीय भुगतान पर रोक लगा दी गई है। यदि जांच रिपोर्ट में खामियां उजागर होती है तो सभी बसों को कंपनी को लौटाया जाएगा।