स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां होते ही जहां बच्चे सैर सपाटे की तैयारी में जुटते हैं, वहीं उत्तराखंड हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में 98.20 फीसदी अंक लाकर अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाले प्रीतम ने सैर सपाटे के बजाए छुट्टियों में परीक्षा की तैयारी की।
खुद प्रश्न तैयार कर उसके उत्तर लिखे। वह बताते हैं कि लिखकर पढ़ना उनके लिए अधिक फायदेमंद साबित हुआ। शनिवार को राजभवन में प्रीतम को जब गवर्नर्स अवार्ड के लिए मंच पर बुलाया गया तो तालियों की गड़गड़ाहट और तेज हो गई।
अवार्ड प्राप्त करने के बाद प्रीतम ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि परीक्षा की तैयारी के लिए उसने कार्ययोजना तैयार की। छुट्टियों के दौरान स्कूल में चली अतिरिक्त कक्षाओं में पढ़ाई के साथ ही पिछली बोर्ड परीक्षाओं में आए प्रश्न पत्रों को टटोला। पिछली परीक्षाओं के प्रश्न और लिखकर की गई पढ़ाई से हुआ यह कि इससे जहां लिखने की प्रैक्टिस हुई, वहीं लिखते रहने से जो लिखा वह अच्छी तरह याद हो गया।
बेटे के लिए मांग भी जगी रात-रात भर
प्रीतम के मुताबिक, रात कभी ढाई तो कभी तीन बजे नियमित रूप से उठकर पढ़ाई की। मुझे तड़के उठते देख मां सुनीता देवी भी उठकर मेरे साथ बैठ जाती थी। वह मेरे लिए चाय बनाती और मैं पढ़ाई करता। प्रीतम बताते हैं कि बगैर ट्यूशन के उसने परीक्षा में यह सफलता हासिल की।
आईआईटी की तैयारी में जुटे प्रीतम
प्रीतम बताते हैं कि वह आगे चलकर आईआईटी करना चाहते हैं, इसके लिए वह अभी से इसकी तैयारी में जुट गए हैं। वह इंटर करेंगे साथ ही आईआईटी की तैयारी भी।
25 मेधावियों को मिला गवर्नर्स अवॉर्ड
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले 25 विद्यार्थियों को राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल ने गवर्नर्स अवार्ड से सम्मानित किया। उन्होंने बच्चों को पुरस्कृत करते हुए कहा कि अच्छी शिक्षा वही है, जिसमें संस्कार भी शामिल हों। संस्कारित युवा ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाकर राज्य और देश के निर्माण में सहायक हो सकते हैं।
राजभवन में आयोजित मेधावियों के सम्मान समारोह में राज्यपाल ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को जागृत करने के लिए उन्होंने इस योजना की शुरूआत की है। जो उत्तराखंड की युवा प्रतिभाओं को नई ऊर्जा, दिशा और अन्य विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहित करने में मददगार साबित होगी।
राज्यपाल ने कहा जो बच्चे सर्वोच्च स्थान प्राप्त नहीं कर पाए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। भगवान ने प्रत्येक व्यक्ति को कुछ न कुछ विशिष्टताएं दी हैं, जो पढ़ाई में अव्वल नहीं हैं, वह बेहतर खिलाड़ी, बेहतर कलाकार या अन्य किसी क्षेत्र में बेहतर काम कर सकते हैं। बच्चे अपनी क्षमता को पहचाने और उसी दिशा में आगे बढ़ें।
चरित्र निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका
राज्यपाल ने बच्चों के चरित्र निर्माण में शिक्षकों की सबसे अधिक भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि इसमें अभिभावकों से अधिक शिक्षकों की भूमिका हैं। शिक्षक बच्चों को केवल विषयों का ज्ञान ही न दें, बल्कि सही दिशा के लिए उनका मार्गदर्शन करना भी उनका दायित्व है।
जितनी सुविधाएं उतनी मेहनत भी करें: नैथानी
समारोह में विशिष्ट अतिथि शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। सरकार से उन्हें जो सुविधाएं मिल रहीं हैं, वह उतनी मेहनत भी करें।
सबक लें सरकारी स्कूलों के शिक्षक: एस राजू
अपर मुख्य सचिव एस राजू ने कहा कि सुविधाजनक माने जाने वाले विद्यालयों का पास प्रतिशत कम है, वहीं दुर्गम और अशासकीय विद्यालयों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। सरकारी स्कूलों के शिक्षक इससे सबक लें और पहले से अधिक मेहनत करें। उन्होंने कहा कि विभाग शीघ्र ही मेधावी बच्चों की माताओं को कमला नेहरू पुरस्कार देने जा रहा है।
बढे़गी प्रतिभाशाली बच्चों की संख्या: कुंवर
शिक्षा निदेशक राकेश कुंवर ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा एवं अच्छा परिवेश देने का प्रयास किया जाएगा। जिससे आगामी परीक्षा परिणामों के आधार पर प्रतिभाशाली बच्चों की संख्या बढ़ेगी।
सर्वश्रेष्ठ स्कूल को 50 और छात्रों को पांच हजार
मेरिट में पहले स्थान पर रहे बच्चों को राज्यपाल ने पांच हजार रुपए, दूसरे पर रहे बच्चे को तीन और तीसरे स्थान पर रहे बच्चे को दो हजार रुपए का बैंक ड्राफ्ट, गवर्नर्स अवार्ड एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
वहीं सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाले छह स्कूलों को 50 हजार, 30 हजार एवं 20 हजार रुपए का पुरस्कार दिया गया। समारोह में राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी अरुण ढौंडियाल, शिक्षा सचिव डा. एमसी जोशी, शिक्षा निदेशक बेसिक सीमा जौनसारी आदि मौजूद थे।
गवर्नर्स अवार्ड पाने वाले हाईस्कूल के बच्चे
नाम - स्कूल - जनपद
प्रीतम सिंह - एसवीएमएचएसएस श्रीनगर - पौड़ी
सौम्या श्रीवास्तव - वीवीएमआईसी मुनस्यारी - पिथौरागढ़
दीपक सिंह मेहरा - विवेकानंद कॉलेज रानीधारा रोड - अल्मोड़ा
अक्षदीप वत्सल - एसवीएमआईसी जसपुर - ऊधमसिंह नगर
इंटर मानविकी वर्ग बालिका में यह हुए पुरस्कृत
इंदु - पूर्णांनंद तिवाड़ी - कॉलेज जसपुर - ऊधमसिंह नगर
नाहिद परवीन - पूर्णानंद तिवाडी कॉलेज जसपुर - ऊधमसिंह नगर
राखी - जीजीआईसी श्रीनगर - पौड़ी
इंटर विज्ञान वर्ग बालिका में इन्हें मिला अवार्ड
अंजली - विद्या मंदिर चौदहा बीघा - टिहरी
काजल - विद्या मंदिर सेक्टर रानीपुर - हरिद्वार
प्राची गुप्ता - एसएसडीपीसी बालिका - हरिद्वार
ऋचा राणा - गोस्वामी जीडीएसवीएमआईसी - उत्तरकाशी
बालिका इंटर वाणिज्य वर्ग
मनीषा यादव - टीएसएसबीवीएमआईसी काशीपुर - ऊधमसिंह नगर
आफरीन - आर्य कन्या पाठशाला रुड़की - हरिद्वार
सुमाइरा - आर्य कन्या पाठशाला रुड़की - हरिद्वार
इंटर मानविकी बालक वर्ग
दीपक कुमार - राइका अल्मोड़ा - अल्मोड़ा
शिवांश आनंद - देशबंधु पिपलिया गदरपुर - ऊधमसिंहनगर
आदर्श पंत - राइका श्रीनगर - पौड़ी गढ़वाल
विज्ञान बालक वर्ग
पवन प्रकाश - वीएमआईसी मंडलसेरा - बागेश्वर
आशीष सिंह गुसांई - एसवीएमआईसी नई टिहरी - टिहरी
हेम चंद्र पाठक - वीवीएमआईसी हिचौड़ी - बागेश्वर
आदित्य - विवेकानंद इका रानीधारा रोड - अल्मोड़ा
रोबिन सिंह - विद्या मंदिर चिन्यालीसौड - उत्तरकाशी
वाणिज्य वर्ग बालक
शिवम कैथ - एसवीएमआईसी बाबूगढ़ विकासनगर - देहरादून
अजीत सिंह रावत - एसवीएमआईसी मायापुर - हरिद्वार
जयंत सिंह बिष्ट - श्रीराम कृष्णा इका नेहरूग्राम - देहरादून
शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम पर यह स्कूल हुए पुरस्कृत
स्कूल - जनपद
राजकीय हाईस्कूल बीधोरा - ऊधमसिंह नगर
राजकीय बालिका हाईस्कूल गुलरभोज - ऊधमसिंह नगर
राजकीय हाईस्कूल कोटसेरा - पौड़ी गढ़वाल
राजकीय हाईस्कूल बुच्चाखाल - पौड़ी गढ़वाल
जीआईसी पोखरा - पौड़ी गढ़वाल
राजकीय हाईस्कूल ब्राहमरीखाल - पौड़ी गढ़वाल