प्रदेश की विकट भौगोलिक परिस्थितियों एवं पर्याप्त यातायात की सुविधा न होने की वजह से शिक्षकों का यात्रा में एक दिन से अधिक का समय लग जाता है। विधानसभा में भी यह मामला उठ चुका है। राजकीय शिक्षक संघ के साथ इस मामले में वार्ता की गई।
प्रकरण में शिक्षकों को कैलेंडर वर्ष में एक बार गृह जिले में आने जाने के लिए आकस्मिक अवकाश के साथ यात्रा अवकाश सुविधा दिया जाना उचित है। इस मामले में 16 जनवरी 2026 को शासन में वित्त सचिव दिलीप जावलकर और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भी सहमति बनी थी। बैठक में शासन ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक से प्रस्ताव मांगा था।
शिक्षक संगठन की ओर से पिछले काफी समय से इसकी मांग की जा रही थी। यात्रा अवकाश बहाल होने से राज्य के शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा।
- राम सिंह चौहान, प्रांतीय अध्यक्ष, राजकीय शिक्षक संघ