पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान से आहत सिख समाज ने उत्तराखंड सिख संगत पदाधिकारियों के नेतृत्व में देहरादून में गांधी पार्क से डीएम कार्यालय तक शांति मार्च निकाला।
डीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर, आरोपियों की गिरफ्तारी, पंजाब में राष्ट्रपति शासन, सिखों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, मरने वाले सिखों के परिजनों को सरकारी नौकरी और मुआवजा, उत्तराखंड के सिखों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की।
मार्च में विभन्न गुरुद्वारों से जुड़ों लोगों के साथ अन्य समुदायों के लोगों ने भाग लिया। जसपाल सिंह, विरेंद्र सिंह विक्की, जीएस आनंद, देवेंद्र सिंह, हरपाल सिंह सेठी, डीपी सिंह, विजेंद्र सिंह राजन, हरभजन सिंह, आनंद, सेवा सिंह मठारु, जसप्रीत सिंह, राजीव सच्चर, रतन सिंह आदि मौजूद रहे।
अत्याचार बर्दाश्त नही होगा
केंद्रीय श्री गुरु सिंह सभा से जुडे़ लोगों ने भी प्रदर्शन किया। कहा कि पंजाब के सिख बादल सरकार में सुरक्षित नहीं हैं। पंजाब की सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने भी दोषियों पर कार्रवाई, पीड़ितों को नौकरी देने की मांग की।
ब्रजिंदर पाल सिंह, दिवेंद्र पाल सिंह, हरपाल सिंह सेठी, जसबीर सिंह, बलबीर सिंह, अमरजीत सिंह, हरदीप सिंह, अमनदीप सिंह, प्रीतम सिंह, हरचरण सिंह, बलविंदर सिंह, दविंदर सिंह आदि मौजूद रहे।
24 घंटे रहे अटेंडेंट
उत्तराखंड सिख विकास परिषद अध्यक्ष बलजीत सोनी का कहना है कि जैसे हम अपने बूढे़ मां बाप के लिए घर में सेवक रखते हैं, उसी तरह गुरुद्वारा कमेटियों को गुरुद्वारों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की सुरक्षा के लिए 24 घंटे के लिए अटेंडेंट तैनात करना चाहिए।