स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उत्तराखंड के शिक्षा सचिव डी. सेंथिल पांडियन ने विभागीय अफसरों को खास सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
रविवार को मुख्य शिक्षा अधिकारियों को दिए निर्देश में शिक्षा सचिव ने कहा कि जरूरत पर स्कूलों में छुट्टी की जा सकती है। शिक्षा सचिव ने निर्देश दिए कि स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को स्वाइन फ्लू की वजह और बचाव के तरीके बताए जाएं।
अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए। जरूरत पर जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी स्कूलों में छुट्टी कर सकते हैं। शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी ने कहा कि स्वाइन फ्लू को देखते हुए एमडीएम समन्वयकों को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
वे स्कूलों में जाकर देखेंगे कि वहां स्वाइन फ्लू से बचाव के पुख्ता कदम उठाए गए हैं या नहीं। मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों के निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।
छुट्टी कोई हल नहीं
ऑल उत्तराखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने सभी स्कूलों को स्वाइन फ्लू से बच्चों को बचाने के लिए गंभीर कदम उठाने की मांग की है। रविवार को नीरज सिंघल की अगुवाई में हुई बैठक में जिला प्रशासन से मांग की गई है कि जिस बच्चे को खांसी या जुकाम हो, उसकी मुफ्त जांच कराई जाए।
स्कूलों में छुट्टी करने से समस्या हल नहीं होगी। बैठक में उपाध्यक्ष सुदेश उनियाल, रतन चौहान, दीपक सोम, संदीप भटनागर, गजेंद्र चौहान, योगेश कुशवाहा, सुभाष चौहान, संजय राणा आदि रहे।