नैनीताल हाईकोर्ट ने अधिवक्ता चंद्रशेखर करगेती की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें 10 नवंबर से पूर्व ट्रायल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर करने की छूट दी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका को नहीं सुना था लेकिन हाईकोर्ट की ओर से उन पर लगाए गए दो लाख रुपये के जुर्माने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी।
न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार चंद्र शेखर करगेती के विरुद्ध समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल ने वर्ष 2016 में अनुसूचित जाति /जनजाति के प्रावधानों के अंतर्गत थाना बसंत विहार देहरादून में मुकदमा दर्ज करवाया था। विवेचना के बाद करगेती के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई थी।
इस चार्जशीट को निरस्त कराने तथा ट्रायल कोर्ट के समन आदेश व गैरजमानती आदेश को निरस्त कराने की मांग को लेकर याचिकाकर्ता चंद्रशेखर ने 2017 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी । हाईकोर्ट ने 2018 में उनकी याचिका को खारिज करते हुए चंद्रशेखर करगेती पर कोर्ट के समक्ष झूठे तथ्य पेश करने पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया गया था।
इधर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की ओर से लगाए गए दो लाख रुपये के जुर्माने को करगेती के अधिवक्ता के अनुरोध पर माफ कर दिया। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने करगेती की विशेष जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दायर की थी।