महाभारत पढ़ने के बजाय महान भारत के निर्माण में सहभागी होना जरूरी
उन्होंने कहा, चातुर्मास में सन्यासियों का कहीं भी जाना वर्जित होता है। मैं इन दिनों महाभारत की कथा में व्यस्त था, लेकिन जब बात उत्तराखंड और अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम की बात हुई, तो मुझे लगा कि महाभारत को पढ़ने से ज्यादा उपयोगी महान भारत के निर्माण के प्रयास में सहभागी होना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
महाभारत है संपूर्ण ग्रंथ
महाभारत पर केंद्रित रहते हुए उन्होंने कहा कि अक्सर उनसे पूछा जाता है कि आप श्रीमद्भागवत पुराण, रामायण के बजाय महाभारत को इतना महत्व क्यों देते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि संपूर्ण वेदों का सार जिस ग्रंथ में आता है और जिसे पंचम वेद कहा गया है उस महाभारत के शंखनाद के बिना भारत महान नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि महाभारत में वो सब मिलेगा जो कहीं नहीं है। यह ग्रंथ ज्ञान, विज्ञान, अध्यात्म, धर्म, नीति, शस्त्र-शास्त्र से परिपूर्ण है।
संवाद में हुए मंथन से निकलेगा अमृत
गोविंद देव गिरी ने कहा कि अमर उजाला के इस संवाद के मंथन से ऐसा अमृत निकले जो देश और उत्तराखंड के विकास में सहायक सिद्ध हो। साथ ही युवाओं के मार्गदर्शन में सहायक हो और सरकार जनता के प्रति अधिक जवाबदेह बने। ऐसी मैं उम्मीद करता हूं।