रोड ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बिल के विरोध में ट्रांसपोर्टर्स की राष्ट्र व्यापी हड़ताल के मद्देनजर राज्य सरकार के रोडवेज की हड़ताल प्रतिबंधित करने के आदेश का कोई असर नहीं हुआ। परिवहन कर्मचारी संगठनों ने आज मध्य रात्रि से ही चक्का जाम शुरू कर दिया।
चक्का जाम को देखते हुए शासन ने मंगलवार को 6 माह के लिए निगम में कार्यरत कर्मियों की समस्त सेवाओं का अत्यावश्यक सेवाएं घोषित कर दिया। शासन के कड़े फैसले के बावजूद निगम कर्मचारी संगठन ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया।
कर्मचारी संगठनों की दलील है कि राष्ट्र व्यापी हड़ताल में शामिल होने का फैसले से वह पहले ही प्रबंधन को अवगत करवा चुके थे, ऐसे में अब बुधवार को निगम बस सेवाएं संचालित नहीं करेगा।
रोड ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बिल के विरोध में सभी ट्रेड यूनियन मिलकर देशभर में चक्का जाम पर हैं, जिसके चलते उत्तराखंड में निजी ट्रांसपोर्टर्स भी हड़ताल में शामिल हैं।