उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन ने भी बृहस्पतिवार से वेतन भुगतान व अन्य मांगों को लेकर देहरादून समेत प्रदेशभर के डिपो में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया है। प्रबंधन पर कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। पहले चरण में दो दिवसीय धरना व 27 अक्तूबर से मंडलीय कार्यालयों पर क्रमिक अनशन शुरू होगा।
देहरादून आईएसबीटी व रोडवेज वर्कशॉप पर दिए धरने में यूनियन के प्रदेश महामंत्री रविनंदन कुमार ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी को चार महीने से वेतन नहीं मिला है। संविदाकर्मियों को अनुबंध पर हस्ताक्षर किए बिना कार्य पर नहीं लिया जा रहा है।
अनुबंध से कर्मियों को अपने भविष्य पर खतरा महसूस हो रहा है। इसके अलावा पदोन्नति, टू-टायर व्यवस्था लागू करने समेत अन्य मांगें हैं। प्रबंधन कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करता आ रहा है।
बुधवार को प्रबंधन ने वार्ता की, लेकिन पहले बिंदु पर ही सहमति न बनने के कारण वार्ता विफल हो गई। पहले चरण में प्रदेशभर के डिपो पर दो दिवसीय धरना दिया जाएगा। इसके बाद 26 को तीनों मंडलीय प्रबंधक कार्यालय व 27 से मंडलीय कार्यालयों पर क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा।
इंटक व यूकेडी ने दिया समर्थन
इंटक प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट ने भी धरने में पहुंचकर समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें जायज है। सरकार की समस्याओं का तुरंत निस्तारण करना चाहिए। वहीं, यूकेडी नेता शांति भट्ट भी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे।