प्रदेश सरकार के कर्मचारियों को प्रमोशन के मानकों में छूट मिल गई है। अब खाली पद होने पर मानक पूरे न होने के बावजूद उनकी पदोन्नति हो सकेगी। कार्मिक विभाग ने उत्तराखंड सरकारी सेवक पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण (संशोधन) नियमावली को लागू कर दिया है।
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पात्र कर्मचारियों इस सुविधा का लाभ वर्तमान चयन वर्ष में 30 जून 2024 तक उठा सकेंगे। अपर सचिव (कार्मिक) ललित मोहन रयाल के जारी आदेश के मुताबिक, प्रमोशन के मानकों में छूट (शिथिलीकरण) का लाभ कर्मचारियों को तभी मिलेगा, जब उनसे वरिष्ठ पात्र सभी कर्मचारियों की पदोन्नति हो गई होगी।
कैडर मैनेजमेंट में विसंगति से बचाव के लिए कार्मिक विभाग ने यह शर्त लागू की है। विभाग का मानना है कि शिथिलीकरण के माध्यम से कर्मचारी को ऐसी पदोन्नति नहीं की जाएगी, जिससे वह अपने वरिष्ठ पात्र कर्मचारी से उच्च पद पर चला जाए। प्रदेश मंत्रिमंडल ने शिथिलीकरण नियमावली को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडेय के मुताबिक, कई दौर की वार्ता के बाद कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिली और अब शासनादेश जारी हो गया है। इस तरह लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई। कहा, विभागीय स्तर पर समयबद्ध ढंग से प्रस्तावों को मंजूरी मिली तो कई विभागों के करीब 10 हजार कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।
जून 2025 तक लागू हो शिथिलीकरण नियमावली
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज ने शिथिलीकरण नियमावली लागू करने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया है। फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष पूर्णानंद नौटियाल और प्रदेश महामंत्री मुकेश बहुगुणा ने नियमावली को जून 2025 तक लागू करने की मांग की। कहा, जून 2024 तक की समयावधि बहुत कम है। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद सभी कर्मचारियों को शिथिलीकरण का लाभ नहीं मिल पाएगा।