शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक एलटी से लेक्चरर बने 1200 से अधिक शिक्षकों की अगले सप्ताह ऑफलाइन काउंसलिंग से तैनाती होगी। मंगलवार शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के निर्देश पर विभागीय अधिकारियों ने कहा कि बृहस्पतिवार को इसकी विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी।
प्रदेश में 20 मई को सहायक अध्यापकों की प्रमोशन सूची जारी की गई थी। इस दौरान कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए इन शिक्षकों की काउंसलिंग नहीं हो सकी। मंगलवार को इस मसले पर शिक्षा मंत्री ने शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम एवं शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के साथ बैठक कर अधिकारियों को शीघ्र काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए।
शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने कहा कि शिक्षकों की काउसंलिंग के लिए विभाग तैयारी कर रहा है। पहले ऑनलाइन काउंसलिंग करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब निर्णय लिया गया है काउंसलिंग ऑफलाइन होगी। प्रमोशन पाने वाले शिक्षकों को इसके लिए देहरादून बुलाया जाएगा। शिक्षा निदेशक ने कहा कि ऑनलाइन काउंसलिंग में कनेक्टिविटी की दिक्कत आ सकती है। जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के मुताबिक वरिष्ठता के आधार पर शिक्षकों को स्कूलों में तैनाती दी जाएगी। यह वरिष्ठता दिव्यांगता, बीमार एवं वरिष्ठ शिक्षकों के रूप में होगी। जैसे यदि कोई दिव्यांग और बीमार शिक्षक है तो उन्हें पहले काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद वरिष्ठ शिक्षकों को काउंसलिंग के लिए बुलाकर उन्हें स्कूल आवंटित किए जाएंगे।
वेबसाइट पर शिक्षकों के खाली पद होंगे सार्वजनिक
राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को शिक्षा निदेशक से मिलकर प्रमोशन पाने वाले शिक्षकों की तैनाती करने की मांग की। संगठन के प्रदेश महामंत्री डा.सोहन माजिला ने कहा कि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगले दो दिनों में शिक्षकों के खाली पदों को सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
इसके बाद विषयवार काउंसलिंग की जाएगी। इसके अलावा भूगोल विषय की डीपीसी के लिए भी शासन स्तर से आयोग को लिखा जाएगा। शिक्षा निदेशक से मिलने वालों में अंबादत्त बलोदी, हरेराम यादव, लोकेश रावत, प्रेम सिंह बिष्ट, नरेंद्र नेगी, कलपत चौहान, दिलबर खत्री, गंभीर रावत, वीरेंद्र मेहरा, प्रेम नेगी आदि शामिल रहे।