साथ ही मशीन यह भी अलर्ट कर देती है कि दिल की बीमारी होने की कितने प्रतिशत संभावना है। रजत ने अपने इस आइडिया को स्टार्टअप के जरिये उद्योग के रूप में स्थापित करने की ओर कदम बढ़ाए।
केंद्र और राज्य सरकार ने भी रजत की स्टार्टअप कंपनी सनफॉक्स को मान्यता दी है। एक से तीन जुलाई को चीन में वर्ल्ड इकॉनोमिक्स फोरम ने न्यू चैंपियन मीटिंग में विश्व के कई देशों से टॉप-96 स्टार्ट अप को आमंत्रित किया।
जिसमें भारत से छह स्टार्ट अप का चयन किया गया। इसमें रजत जैन भी शामिल थे। रजत के उद्योग को ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर और उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी प्रो. वीके तिवारी सहयोग कर रहे है।
प्रदेश सरकार मान्यता प्राप्त स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए सहयोग कर रही है। सामान्य वर्ग के स्टार्टअप को 10 हजार, एससी, एसटी, महिला, दिव्यांग वर्ग को 15 हजार (प्रति स्टार्ट अप) मासिक भत्ता एक साल तक दिया जा रहा है।
इसके साथ ही नए उत्पाद की मार्केटिंग के लिए सामान्य वर्ग के स्टार्ट अप को 5 लाख और एससी, एसटी व महिला वर्ग को 7.5 लाख तक दिया जा रहा है। एमएसएमई नीति के अनुसार स्टांप ड्यूटी और एसजीएसटी में छूट का लाभ दिया जा रहा है। मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटरों को तीन साल की अवधि तक संचालन एवं प्रबंधन खर्च के रूप में दो लाख प्रति वर्ष दिया जा रहा है।
देश के टॉप स्टार्टअप में जगह हासिल करना मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। स्पेनडन डिवाइस का उत्पादन शुरू हो गया है। मैक्स, फोर्टिज, एम्स समेत अन्य बड़े अस्पतालों में डिवाइस से मरीजों की जांच का ट्रायल चल रहा है। जल्द ही यह डिवाइस बाजार में आम लोगों की उपलब्ध होगी। इस डिवाइस से कोई भी व्यक्ति घर बैठे दिल की बीमारी का पता कर सकेगा।
- रजत जैन