1990-91 में मन्नू महारानी होटल नैनीताल में नौकरी के साथ एक समाचार पत्र में संपादकीय का कार्य भी किया। सोमेश्वर में ही चाय की दुकान चलाने के दौरान माओवादी गतिविधियों में उसका नाम सामने आया। 2008 में माओवादियों से पूछताछ में पता चला कि खीम सिंह बोरा जोनल कमेटी उत्तराखंड का सचिव है।
वर्ष 2014 से वर्ष 2017 तक कुमाऊं परिक्षेत्र माओवादी के नाम से वॉल राइटिंग, पर्चा, पंपलेट चिपकाने में बोरा का नाम आया तो खुफिया तंत्र उसके पीछे लगा। 2017 में उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
उसके खिलाफ ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और अल्मोड़ा में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि खीम सिंह बोरा को पूछताछ के लिए ऊधमसिंह नगर से टीम को भेजा गया था।
पूछताछ में कुछ नई जानकारियां मिली है, जिसके आधार पर कार्रवाई को बढ़ाया जा रहा है। उधर, सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में माओवादी गतिविधियों में दो और नाम सामने आए है।