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बरेली में हेड क्वार्टर बनाने की जुगत में था माओवादी बोरा, पूछताछ में दो और नाम आए सामने

Fri, 19 Jul 2019 12:15 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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खीम सिंह - फोटो : फाइल फोटो
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बरेली में एटीएस द्वारा पकड़े गए 50 हजार के इनामी माओवादी खीम सिंह बोरा कई बरस से उत्तराखंड पुलिस के लिए पहेली बना हुआ था। पूछताछ में माओवादी गतिविधियों में दो और नाम सामने आए हैं।

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सूत्रों का कहना है कि बोरा की योजना केंद्रीय समिति में शामिल होने के साथ यूपी में हेड क्वार्टर बनाने की योजना थी, लेकिन लोकल स्पोर्ट न मिलने के कारण वह पसोपेश में था। बोरा के खिलाफ ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और अल्मोड़ा में पांच मुकदमे दर्ज थे। 

यूपी की एटीएस ने 50 हजार के इनामी माओवादी खीम सिंह बोरा को बुधवार को बरेली से गिरफ्तार किया था। बोरा की गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड पुलिस बृहस्पतिवार को सक्रिय हुई।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक अल्मोड़ा के सोमेश्वर निवासी खीम सिंह बोरा ने लोकल में हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की। स्नातक अल्मोड़ा करने के बाद 1984 में शराब बंदी के विरोध में पहली बार उसका नाम सामने आया था। 

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1990-91 में मन्नू महारानी होटल नैनीताल में नौकरी के साथ एक समाचार पत्र में संपादकीय का कार्य भी किया। सोमेश्वर में ही चाय की दुकान चलाने के दौरान माओवादी गतिविधियों में उसका नाम सामने आया। 2008 में माओवादियों से पूछताछ में पता चला कि खीम सिंह बोरा जोनल कमेटी उत्तराखंड का सचिव है। 

वर्ष 2014 से वर्ष 2017 तक कुमाऊं परिक्षेत्र माओवादी के नाम से वॉल राइटिंग, पर्चा, पंपलेट चिपकाने में बोरा का नाम आया तो खुफिया तंत्र उसके पीछे लगा। 2017 में उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

उसके खिलाफ ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और अल्मोड़ा में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि खीम सिंह बोरा को पूछताछ के लिए ऊधमसिंह नगर से टीम को भेजा गया था।

पूछताछ में कुछ नई जानकारियां मिली है, जिसके आधार पर कार्रवाई को बढ़ाया जा रहा है। उधर, सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में माओवादी गतिविधियों में दो और नाम सामने आए है।
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