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Uttarakhand Rainfall: बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में उफान पर आया नाला, 1500 तीर्थयात्री रोके

Thu, 04 Jul 2024 04:54 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली

सार

Uttarakhand Rainfall: पानी ज्यादा बढ़ने पर प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यातायात बदरीनाथ और पांडुकेश्वर बैरियर पर ही रोक दिया है। वहीं, अब जेसीबी सड़क से मलबा हटाने में जुटी है। 
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लामबगड़ में नाला उफनाया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश के बाद नदी नाले उफान पर हैं। बृहस्पतिवार को क्षेत्र में हुई भारी बारिश के दौरान लामबगड़ नाला उफान पर आ गया। ऐसे में बदरीनाथ जा रहे और धाम के दर्शनों से लौट रहे करीब 1500 तीर्थयात्रियों के वाहनों को हाईवे के दोनों ओर रोक लिया गया। हाईवे पर सुधारीकरण कार्य भी ध्वस्त हो गए। करीब एक घंटे तक यहां वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी रही। जब बारिश हल्की हुई और लामबगड़ नाला में पानी कम हुआ तब जाकर पुलिस प्रशासन ने यात्रा वाहनों को गंतव्य की ओर रवाना किया।

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लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में सुधारीकरण कार्य तो कर लिया गया है लेकिन नाले पर स्थिति नहीं सुधर सकी है। यहां स्कपर निर्माण के बाद चौड़ीकरण कार्य इन दिनों गतिमान है। हाईवे पर नदी किनारे दीवार निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को दोपहर दो से चार बजे तक क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई जिससे हाईवे पर सुधारीकरण कार्य ध्वस्त हो गए और पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा भी आ गया। लामबगड़ नाला भी उफान पर आ गया और नाले का पानी हाईवे तक पहुंच गया। इसे देखते हुए गोविंदघाट पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हाईवे के दोनों ओर से करीब 1500 तीर्थयात्रियों के वाहनों को रोक दिया गया। करीब एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही रोकी गई। गोविंदघाट थानाध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद बिजल्वाण ने बताया कि बारिश हल्की हुई और नाले का पानी कम हुआ तो लामबगड़ में रोके वाहन रवाना किए गए।

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पिंडर का जलस्तर बढ़ा, बोरागाड़ झूलापुल के नीचे सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा बहा

पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ने से बोरागाड़ झूलापुल के नीचे बनी सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा बुधवार रात को नदी के बहाव में बह गया। इससे झूला पुल के पिलर खतरे की जद में आ गए हैं। नदी के कटाव से लिंगड़ी व ऊणीबगड़ गांव की सैकड़ों नाली नाप भूमि बह गई। साथ ही नदी के कटाव से लिंगड़ी व ऊणीबगड़ की सैकड़ों नाली नाप भूमि बह गई है और आवासीय बस्ती को भी खतरा बना है।

लिंगड़ी गांव के पूर्व प्रधान राजेंद्र भंडारी ने सिंचाई विभाग से यहां पर शीघ्र सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की। वहीं सिचाई विभाग के ईई राजकुमार चौधरी ने बताया कि पिंडर नदी के तट लिंगड़ी, ऊणीबगड़ में बाढ़ सुरक्षा का काम होना है जिसके लिए 4.43 लाख व ऊणीबगड़ की आवासीय बस्ती के सुरक्षा के काम के लिए 4.69 लाख की योजना राज्य तकनीकी समिति की सलाहकार समिति से अनुमोदन मिलने के बाद शासन को भेज दिया है। धनराशि मिलने पर बाढ़ सुरक्षा के काम शुरू होंगे।

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