साथ ही तृतीय केदार तुंगनाथ और पर्यटक स्थल चोपता तक भी नहीं जा सकेंगे। ग्वाड-ढिलना निवासी जगदीश पंवार, महावीर पंवार व दिनेश पंवार ने कहा कि बीते एक माह से गांव को जोड़ने वाला ताला-बरंगाली-मक्कूमठ मार्ग क्षतिग्रस्त होने से घरों तक पहुंचने के लिए लोग दो किमी पैदल चल रहे थे।
अब हाईवे ध्वस्त होने से ग्रामीणों के लिए पैदल दूरी बढ़कर आठ किमी हो गई है। बरंगाली के ग्राम प्रधान महावीर सिंह नेगी का कहना है कि अब गांव के बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए कई किमी पैदल चलना पड़ेगा।
इधर, एनएच के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ने बताया कि हाईवे का जल्द टीएचडीसी के विशेषज्ञों के साथ निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान भूस्खलन व भू-धंसाव जोन के स्थायी मरम्मत के प्रयास किए जाएंगे।