नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम ने गंगा का जलस्तर से क्षतिग्रस्त हो चुके बंधों को दुरुस्त किया। टीम ने बंधों पर प्लास्टिक के बोरों में मिट्टी भरकर लगाई। साथ ही रामपुर रायघटी गांव के पास गंगा के किनारे पहुंचकर पानी का जायजा लिया। साथ ही ग्रामीणों को पानी से दूर रहने की चेतावनी दी।
पहाड़ों में हुई भारी बरसात के चलते नीलधारा गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को छूकर बह रहा है। जलस्तर बढ़ता देख मंगलवार शाम करीब पांच बजे एनडीआरएफ की टीम सुल्तानपुर क्षेत्र के रामपुर रायघटी गांव के पास गंगा तटबंध पर पहुंची। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने एनडीआरएफ की टीम के जवानों को बताया कि गंगा में पानी बढ़ता जा रहा है। पानी तटबंध के किनारों को छूकर बह रहा है। इससे तटबंध में कटाव आने की आशंका है।
एनडीआरएफ की टीम ने मोटर बोट से गंगा में उतरकर पानी और गंगा के तटबंध का जायजा लिया। साथ ही गंगा तटबंध के समीप गांव के ग्रामीणों को पानी से दूर रहने की चेतावनी दी है। साथ ही पानी को रोकने के लिए बनाए गए बंधों की मरम्मत की। प्लास्टिक के बोरों में मिट्टी भरकर बंधों की मरम्मत की गई। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर राजकिशोर ने बताया कि खानपुर क्षेत्र में बंधों को दुरुस्त किया गया है। इसके साथ ही मोटर बोट से पूरे गंगा क्षेत्र में गश्त भी की गई। उन्होंने बताया कि टीम हरिद्वार में ही गश्त करती रहेगी।