पंचायत क्षेत्र के राजकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि नहीं हो सकेंगे शामिल
राज्य निर्वाचन आयोग ने हरेला पर्व के आयोजन तथा कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के प्रतिभाग किए जाने की अनुमति इस प्रतिबंध के साथ दी गई है कि राजकीय कार्यक्रमों में नगर क्षेत्रों, वन क्षेत्रों व हरिद्वार जिले में जनप्रतिनिधि प्रतिभाग कर सकते हैं। लेकिन ग्रामीण पंचायती निर्वाचन क्षेत्र के राजकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि अतिथि के रूप में प्रतिभाग नहीं कर सकेंगे और न ही निःशुल्क पौध वितरण करेंगे। निःशुल्क पौध वितरण के संबंध में अधिकारियों, कर्मचारियों पर प्रतिबंध नहीं होगा।
पांच लाख पौधे रोपित कर हरेला पर स्थापित होगा नया कीर्तिमान: सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति में हरेला मात्र एक पर्व नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की एक जीवंत और पवित्र परंपरा है। यह पर्व हमारी लोकसंस्कृति, आस्था और पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों का प्रतीक है। 16 जुलाई को हरेला पर्व के पहले दिन पर प्रदेश में पांच लाख पौधे रोपित करने का संकल्प लिया गया है। यह केवल पौधरोपण नहीं बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए एक हरित धरोहर की नींव रखने का प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इस वर्ष की थीम हरेला का त्योहार मनाओ, धरती मां का ऋण चुकाओ–एक पेड़ मां के नाम केवल एक संदेश नहीं बल्कि एक जनआंदोलन का आह्वान है। आइए, हम सब मिलकर इस पुनीत पर्व को उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति और भविष्य से जोड़ते हुए एक समृद्ध और हरित राज्य की ओर दृढ़ कदम बढ़ाएं।