दोनों पक्षों के अलग दावे, संशय बरकरार
दो जगह मतदाता सूची में नाम वाले प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने पर रोक तथा इसे नियमविरुद्ध बताने के हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्णय के बावजूद प्रत्याशियों में चुनाव लड़ने, न लड़ने को लेकर संशय बरकरार है। कोर्ट के यह कहने कि वह चुनाव में हस्तक्षेप नहीं कर रहा है, उसका वादी और सरकार के अधिवक्ता ने अलग व्याख्या की है। अब निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण पर लोगों की नजरें हैं।
हाईकोर्ट ने वर्तमान में गतिमान चुनाव प्रक्रिया पर कोई हस्तक्षेप नहीं किया है। अतः इन चुनावों पर इस आदेश का असर नहीं पड़ेगा। भविष्य के चुनावों से यह प्रभावी होगा। आदेश की प्रति मिलने के बाद आयोग इसके विधिक पहलुओं पर विचार करेगा।
-संजय भट्ट आयोग के अधिवक्ता।
कोर्ट के आदेश के बाद दो मतदाता सूचियों में दर्ज नाम वाले प्रत्याशी चुनाव लड़ने के अयोग्य हो गए हैं। इसके अनुरूप कार्यवाही न करना न्यायालय की अवमानना होगी।
- याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिजय नेगी