फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: कैबिनेट मंत्री के वायरल वीडियो पर गरमाई राजनीति, कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला

Sun, 31 Dec 2023 02:09 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

उत्तराखंड हाईकोर्ट पर कैबिनेट मंत्री की अभद्र टिप्पणी करते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है। हालांकि वन मंत्री ने वीडियो में अपनी आवाज से इनकार किया है। अमर उजाला भी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
विज्ञापन
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सोशल मीडिया पर वायरल भाजपा विधायक राम सिंह कैड़ा और कथित रूप से एक कैबिनेट मंत्री के बातचीत के वायरल ऑडियो वीडियो के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मामले में हमला बोलते हुए सरकार से सच जनता के सामने लाने की मांग की है। पार्टी ने इसे बहुत ही गंभीर मामला बताया है।

विज्ञापन


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि भीमताल विधायक जिस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, वह उत्तराखंड सरकार में मंत्री हैं, लेकिन मंत्री कॉल पर होने से इनकार कर चुके हैं। ऐसे में उत्तराखंड सरकार और भाजपा संगठन को चाहिए कि वह अपने विधायक कैड़ा से पूछे कि उनके साथ फोन पर कौन व्यक्ति था, जिसे वह वन मंत्री बताकर स्थानीय जनता को भ्रमित कर रहे थे। माहरा ने कहा की यदि कैड़ा की बात में सच्चाई है तो वाकई स्थिति खेदजनक है।


Uttarakhand: कौन होता है हाईकोर्ट...वायरल हो रहा वीडियो, उत्तराखंड के इस मंत्री ने पार कर दी सारी हदें
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों को इस तरह की भाषा शैली शोभा नहीं देती है। जो वीडियो और ऑडियो वायरल हो रहा है, उसमें बीजेपी के एक विधायक और मंत्री की आपसी बातचीत सुनाई दे रही है, जिसमें भाजपा विधायक वन्यजीव और मानव संघर्ष में हुए नुकसान को लेकर मंत्री से दिशा-निर्देश और मदद की दरकार कर रहे हैं। माहरा ने कहा कि बातचीत बहुत ही निंदनीय है और उसमें दूसरा व्यक्ति उच्च न्यायालय के संबंध में बहुत ही अभद्र भाषा में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए सुना जा सकता है।

इतना ही नहीं बातचीत के दौरान वह व्यक्ति पीआईएल करने वाले को भी पकड़ने की और मारने की बात भाजपा विधायक से कर रहा है, जो की बहुत ही निंदनीय है। माहरा ने कहा कि यदि राम सिंह कैड़ा से बात करने वाले दूसरे व्यक्ति वन मंत्री हैं, यह बात सत्यापित हो जाती है तो ऐसे में मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत हस्तक्षेप करके मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवानी चाहिए। इसके अलावा उच्च न्यायालय को स्वत: संज्ञान लेते हुए मंत्री पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि इस तरह के प्रकरणों की पुनरावृत्ति ना हो।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें