लोकसभा चुनाव तक हरिद्वार में न आने की कसम खा चुके बाबा रामदेव चार महीनों से बाहर हैं। लेकिन बाबा की मोदी से नजदीकी को देखते हुए पतंजलि योगपीठ में टिकटार्थियों का मेला लगने लगा है।
टिकट वितरण में बाबा की चलेगी
उत्तराखंड के पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक भी तीन घंटे गुजारकर गए हैं। कई अन्य भाजपाई अपना बायोडाटा बाबा के
नजदीकी आचार्य बालकृष्ण को थमा रहे हैं। सभी का मानना है कि भाजपा के टिकट वितरण के दौरान बाबा की चलेगी।
बाबा वैसे तो टिकट वितरण को भाजपा का अंदरूनी मामला बता रहे हैं, लेकिन यह भी स्वीकार कर रहे कि राजनीति में शुचिता चाहने वाले उनके संपर्क में हैं। मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए बाबा रामदेव इस समय आंध्र और तमिलनाडु में प्रचार अभियान चला रहे हैं।
अन्य प्रांतों की भांति वहां भी उनका प्रचार योग शिविरों के माध्यम से हो रहा है। बाबा केरल और कर्नाटक भी जाएंगे। अपने शिविरों में सीधे-सीधे मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए सभी तर्क प्रस्तुत कर रहे हैं।
निशंक भी मिले
पिछले कई दिनों से पतंजलि योगपीठ में विभिन्न राज्यों के टिकटार्थियों का आना-जाना लगा है। स्वयं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक आचार्य बालकृष्ण के पास तीन घंटे बैठकर वार्ता करते रहे हैं। कई राज्यों के टिकटार्थी अपना बायोडाटा आचार्य को सौंप रहे हैं।
आचार्य सभी को आश्वस्त कर लौटा रहे हैं। आने वालों की सूचना रात के समय बाबा को भेजी जाती है। पतंजलि योगपीठ में भी इसका रिकार्ड रखा जाता है।
टिकट वितरण में बाबा की कितनी चलेगी, इसको लेकर कई टिकटार्थी संशय में भी हैं। अलबत्ता, अधिकांश का मानना है कि कुछ टिकट बाबा के कहने पर जरूर दिए जाएंगे।
इस बीच मार्च से अनेक अभियान प्रारंभ हो रहे हैं। पतंजलि योगपीठ एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं की अनेक टीमें प्रचार अभियान पर जुटेंगी। प्रचार अभियान में बाबा से जुड़े कईं संतों की टीम भी भाग लेगी।