रात के अंधियारे में भी चुनावी खेल चल रहा है। कांग्रेस भवन में अंधियारे के बावजूद एक कोने में कार्यकर्ता झंडे हाथ में लिए रणनीति बना रहे थे, वहीं भाजपाई ऑनलाइन खेल में जुटे थे।
भाजपा कार्यालय के कक्ष में कंप्यूटर पर आपदा प्रबंधन का पेज खुला था और विजय बहुगुणा की तस्वीर रू-ब-रू थी। ऐसे आंकड़े निकाले जा रहे थे, जिनका इस्तेमाल उसी के खिलाफ ऑनलाइन हथियार के रूप में किया जाना था।
अमर उजाला ने शुक्रवार देर रात प्रमुख पार्टी कार्यालयों समेत शहर का जायजा लिया तो चुनावी रंग का असर कुछ यूं दिखा।
स्थान : कांग्रेस भवन
समय : रात 10.25 बजे
परिसर अंधेरे में डूबा है। परिसर के सभी कक्ष में ताला लगा है, लेकिन गेट के पास कांग्रेस के कार्यकर्ता जमा हैं। मोटरसाइकिलों पर झंडे थामे तैयार खड़े। सूचना प्रकोष्ठ के कोआर्डिनेटर गौतम डोगरा सभी को दिशा-निर्देश दे रहे हैं। झंडों को कहां, कैसे लगाना है, इसका प्लान दे रहे हैं। ‘समय बेहद कम है’ की ताकीद करते सबको टारगेट फालो करने की सलाह दे रहे हैं। कमी रहेगी तो अगले दिन उसका हिसाब होगा। कुल मिलाकर जमीन पर काम करने की हिदायत।
स्थान : भाजपा महानगर कार्यालय
समय : रात 10.35 बजे
कार्यालय में सन्नाटा है। बल्ब की रोशनी में गेट पर ताला चमक रहा है, लेकिन बंद नहीं है। गेट को भीतर से बंद किया गया है। बहुत दस्तक देने पर भी दरवाजा खुलता नहीं।
खिड़की से झांकने पर दो युवा कार्यकर्ता कंप्यूटर स्क्रीन स्क्राल करते नजर आते हैं। स्क्रीन पर विजय बहुगुणा का चेहरा है और आपदा प्रबंधन से जुड़ा कोई पेज खुला है। दरवाजा खोलने की बात पर कार्यकर्ता माफी चाहते हुए खिड़की का पर्दा खींच देते हैं। साफ है यहां ‘ऑनलाइन’ खेल जारी है।
पलटन बाजार में भी चुनावी चौपाल
रात के तकरीबन 11 बजने को हैं। अमूमन इस वक्त तक नींद के आगोश में सोने वाला पलटन बाजार कुछ जागा सा है। केवल आइसक्रीम की दुकानों पर ही भीड़ नहीं जुटी है, कुछ कपड़े की दुकानें भी खुली हैं।
हंस कार्नर पर कुछ व्यवसायी एकत्रित हैं। चुनावी चौपाल चल रही है। 44 साल के अनूप तायल बाक्स का बिजनेस करते हैं। यूं वह बीजेपी के साथ हैं, लेकिन कई मुद्दों पर पार्टी को निशाने पर भी रखते हैं। साथी व्यवसायी मनीष बीजेपी, कांग्रेस, आप तीनों पार्टियों की कायदे से क्लास लेते हैं।
दूसरी पार्टी के झंडे निकाले, अपने झंडे लगाए
लगभग 11 बजकर पांच मिनट हुए हैं। सहारनपुर चौक पर एक रिक्शे में तकरीबन ढाई सौ झंडे लिए पांच-छह मजदूरों की टीम एकजुट है।
क्षेत्रीय कांग्रेस कार्यकर्ता अजय शर्मा पैंट घुटनों तक चढ़ाए इन्हें लगाने की तैयारी में जुटे हैं। बताते हैं कि सहारनपुर चौक से लेकर चंदरनगर तक झंडे लगाने हैं। यही उनका टारगेट है।
रात का समय इसलिए चुना है कि काम आराम से होता है। एक-दो मजदूरों ने दूसरी पार्टी का झंडा हटा अपना झंडा लगाना शुरू कर दिया है। इस ‘चोरी’ के लिए भी रात का वक्त मुफीद है।