पुलिसकर्मियों का चालान तो कटेगा ही बाद में उनके के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। मसलन, उन्हें लाइन हाजिर से लेकर सस्पेंड तक किया जा सकता है। यातायात निदेशालय ने इस संबंध में कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए हैं। ताकि, लोगों में पुलिस की छवि को सुधारा जा सके। यातायात निदेशक मुख्तार मोहसिन ने बताया कि वर्ष 2022 में बिना हेलमेट वाहन चलाने के कारण प्रदेश में 224 लोगों की मृत्यु हुई थी। जबकि, बिना सीट बेल्ट के कारण 43 लोग सड़क हादसों में मारे गए। ऐसी घातक दुर्घटनाओं में सीट बेल्ट और हेलमेट से जान का बचाव हो सकता है।
टोपी रखकर कार चलाने का चलन
पुलिसकर्मियों के अंदर एक चलन और है। वह है कार के सामने या पीछे टोपी रखकर चलाने का। कार चाहे उनकी खुद की हो या फिर किसी रिश्तेदार की यातायात के नियमों से उनकी यह टोपी ही बचाव कर लेती है। इस तरह से कुछ पुलिसकर्मियों के पारिवारिक सदस्य और रिश्तेदार भी खूब वाहन चलाते सड़कों पर देखे गए हैं। सिर्फ स्थानीय पुलिस ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों के पुलिसकर्मी भी इन कार्रवाई से बचने को टोपी को ही ढाल बनाते हैं।