ये था मामला
शासन से परमिशन मिलने के बाद पौड़ी कोतवाली में 7 दिसंबर 2022 को वीडियो स्टिंग मामले में पौड़ी के तत्कालीन सीईओ मदन सिंह रावत, तत्कालीन डीईओ माध्यमिक हरेराम यादव और पटल सहायक दिनेश गैरोला के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इस प्रकरण को लेकर पौड़ी निवासी आशुतोष नेगी ने पुलिस को शिकायती पत्र देने समेत स्टिंग का वीडियो दिया था। जिसमें शिक्षा विभाग के अफसर को पैसे का लेन देन करते दिखाया गया था।
पौड़ी पुलिस को शिकायत मिलने के बाद इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू की गई। इसके बाद पुलिस ने शिक्षा विभाग के इस वीडियो की सत्यता की जांच के लिए चंडीगढ़ प्रयोगशाला भेजा। इसके बाद आरोपियों पर कार्रवाई को लेकर शासन से परमिशन मांगी गई। बताया गया कि इस बीच आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय की भी शरण ली।
लेकिन कोर्ट ने अंतरिम जमानत के प्रार्थना पत्र को भी खारिज कर दिया। साथ ही कोर्ट ने छह सप्ताह की मोहलत देते हुए कहा कि कोर्ट में सरेंडर करते हुए रेगुलर बेल मांगें। जिस पर बीते 26 सितंबर को छह सप्ताह की भी समय सीमा पूरी हो गई। पौड़ी पुलिस ने इस चर्चित स्टिंग मामले में पटल सहायक दिनेश गैरोला के रूप में पहली गिरफ्तारी बीते 15 अक्तूबर को की थी। पुलिस ने यहां बताया कि आरोपी मुख्य शिक्षा अधिकारी की गिरफ्तारी देहरादून के बिंदाल क्षेत्र से की गई। सीओ नौटियाल ने तत्कालीन सीईओ मदन सिंह रावत की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। बताया कि मामले में जिला शिक्षा अधिकारी हरेराम यादव की तलाश जारी है। वह रिटायरमेंट के बाद से लापता चल रहे हैं।