ये है मामला
विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की पाखरो रेंज के 106 हेक्टेयर वन क्षेत्र में टाइगर सफारी बननी थी। वर्ष 2019 में इसका निर्माण कार्य बिना वित्तीय स्वीकृति के शुरू कर दिया गया। पेड़ काटने व अवैध निर्माण की शिकायत मिलने पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया था जिसमें अनियमितताएं सामने आईं। शिकायत हुई और विजिलेंस ने इसकी जांच शुरू की। इसके बाद वर्ष 2022 में विजिलेंस ने पूर्व डीएफओ किशनचंद और रेंजर बृज बिहारी शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि पार्क के कालागढ़ डिवीजन की पाखरो रेंज में टाइगर सफारी के नाम पर 215 करोड़ रुपये बरबाद कर दिए गए।