मलारी हाईवे पर भापकुंड के पास पहाड़ी से आए भारी मलबे के कारण दूसरे दिन मंगलवार को भी वाहनों की आवाजाही दिनभर ठप रही। हाईवे अवरुद्ध होने से पंचायत चुनाव के लिए जोशीमठ से रवाना हुईं 11 पोलिंग पार्टियां देर शाम तक अपने मतदान स्थलों तक नहीं पहुंच पाईं। इसके अतिरिक्त, नीती घाटी में चुनाव प्रचार के लिए गए लोग भी जोशीमठ नहीं लौट पाए हैं। देर रात हाईवे खुलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि हाईवे खुलते ही पहले पोलिंग पार्टी के वाहनों को रवाना किया गया। उसके बाद मलारी साइड में फंसे वाहनों को छोड़ा गया।
विज्ञापन
मलारी हाईवे सोमवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हुए भूस्खलन के कारण बंद हो गया था जहां लगभग 10 मीटर तक सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है और बड़े-बड़े बोल्डर गिरे हुए हैं। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने मंगलवार सुबह 7 बजे से मलबा हटाने का काम शुरू किया और रात करीब साढ़े नौ बजे हाईव खोला गया।