ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण-भराड़ीसैंण के लिए नया जिला बनाने की मांग बहुत हद तक जायज भी मानी जा रही है। गैरसैंण प्रदेश के सबसे बड़े जिले चमोली का ही हिस्सा है और चमोली में मात्र प्रदेश की कुल जनसंख्या के करीब चार प्रतिशत लोग ही रह रहे हैं।
प्रदेश में इस समय 13 जिले हैं और आकार से लेकर जनसंख्या, पहुंच आदि के हिसाब से इन सबके बीच काफी अंतर है। यही वजह है कि प्रदेश में नए जिलों के गठन की मांग लगातार उठ रही है। प्रशासनिक और अन्य सुविधाओं के हिसाब से आठ नए जिले के गठन की बात तो खुद भाजपा ने की है। ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित होने के बाद गैरसैंण को चमोली जिले से हटाकर नया जिला बनाने की मांग भी इसी में शामिल है।
राज्य सरकार के हाथ में ही है नए जिले का गठन
नया जिला बनाने में प्रदेश सरकार भले ही केंद्र से सहयोग की बात करती हो, लेकिन नया जिला बनाना पूरी तरह से प्रदेश सरकार के हाथ में ही है। सरकार को इसके लिए विधानसभा में प्रस्ताव लेकर आना होगा। इसके साथ ही जिला नियोजन समिति का गठन करना होगा और बुनियादी ढांचे के तहत जिलाधिकारी सहित राजस्व क्षेत्र का पुनर्गठन करना होगा।
नया जिला बनाने में समस्याएं
1. धन का इंतजाम करना। एक जिले के गठन में करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
2. यह मामला राजनीतिक अधिक है। नए जिले की सीमा को लेकर विवाद होना तय है।
3. अधिक अफसरों और कर्मचारियों की भी प्रदेश सरकार को दरकार होगी।
फायदा
1. नया जिला बनने से लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंच पाना आसान होगा
2. जिला नियोजन समितियों का गठन होने से योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया सकेगा
3. निगरानी की व्यवस्था अधिक पुख्ता हो पाएगी
जिला - क्षेत्रफल (वर्ग किलोमीटर) - कुल जनसंख्या का अनुपात (प्रतिशत में) -जनसंख्या घनत्व
हरिद्वार - 2360 - 18.74 - 801
देहरादून - 3088 - 16.82 - 549
ऊधमसिंह नगर-2542 - 16.35 - 649
नैनीताल - 4251 - 9.46 - 225
पौड़ी गढ़वाल- 5329 - 6.81 - 129
अल्मोड़ा - 3144 - 6.17 - 198
टिहरी - 3642 - 6.14 - 170
पिथौरागढ़ - 7090 - 4.79 - 68
चमोली - 8030 - 3.88 - 49
उत्तरकाशी- 8016 - 3.27 - 41
बागेश्वर - 2241 - 2.58 - 116
चंपावत - 1766 - 2.57 - 147
रुद्रप्रयाग - 1984 - 2.40 - 122
नए जिले बनाने का सिलसिला हुआ तेज
वर्ष 2011 के बाद देश में करीब 87 जिले बनाए गए हैं। 2001 से लेकर 2011 के बीच 47 जिले बनाए गए। प्रदेश में 2000 से पहले ही नए जिलों का गठन किया गया था। राज्य बनने के बाद एक भी नया जिला नहीं बनाया गया। प्रशासनिक और अन्य मामलों को लेकर देश में नए जिले अन्य राज्यों में लगातार बनाए जा रहे हैं।